जालंधर, पंजाब। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने 5 जून 2026 को 350.84 करोड़ रुपये के कथित बैंक धोखाधड़ी मामले में पंजाब बासमती राइस लिमिटेड और उसके प्रमोटरों के कई ठिकानों पर बड़ी छापेमारी की है। यह कार्रवाई ईडी के जालंधर ज़ोनल कार्यालय द्वारा की गई जिसमें कंपनी और उसके निदेशकों से संबंधित छह व्यावसायिक और आवासीय परिसरों की तलाशी ली गई।
ईडी की जांच के अनुसार, पंजाब बासमती राइस लिमिटेड और उसके प्रमोटरों पर केनरा बैंक के नेतृत्व वाले छह बैंकों के कंसोर्टियम के साथ धोखाधड़ी का आरोप है, जिसकी रकम 350.84 करोड़ रुपये बताई जा रही है। इस धोखाधड़ी से संबंधित बैंकों को भारी वित्तीय नुकसान हुआ है।
यह जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई), नई दिल्ली द्वारा दर्ज एफआईआर के आधार पर शुरू की गई थी। एफआईआर में कंपनी, उसके निदेशकों और अन्य आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता तथा भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।
जांच में सामने आया है कि कंपनी के प्रमोटरों और निदेशकों ने बैंक से मिले धन का दुरुपयोग किया तथा इसे अन्य जगहों पर स्थानांतरित कर निजी लाभ कमाया। आरोप है कि कंपनी ने फर्जी कंपनियों को माल बेचने का दिखावा किया और उन कंपनियों को अपने देनदार के रूप में प्रस्तुत किया। साथ ही कुछ शेल कंपनियों का भी इस्तेमाल कर काल्पनिक बिक्री की गई और बिक्री से प्राप्त राशि नकद निकाली गई।
ईडी ने बताया कि इस पूरी प्रक्रिया के माध्यम से सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के धन का गलत इस्तेमाल किया गया। छापेमारी के दौरान एजेंसी को कई महत्वपूर्ण दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण भी मिले हैं, जिन्हें जब्त कर जांच के लिए रख लिया गया है।
इसके अलावा, ईडी ने तलाशी के दौरान 8.50 लाख रुपये भारतीय मुद्रा और 8,600 अमेरिकी डॉलर नकद भी बरामद किए हैं। एजेंसी ने कहा है कि जब्त दस्तावेजों व इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड की जांच जारी है, जिससे मामले में और महत्वपूर्ण जानकारी सामने आने की संभावना है।
ईडी ने पुष्टि की है कि मामले की जांच धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए), 2002 के तहत चल रही है और जांच के निष्कर्षों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
