चंडीगढ़, हरियाणा। हरियाणा की स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने गुरुवार को बताया कि जॉर्जिया से गैंगस्टर वेंकट गर्ग का प्रत्यर्पण एक महत्वपूर्ण सफलता है। यह भारत के लिए जॉर्जिया से पहला प्रत्यर्पण मामला है और इस वर्ष एसटीएफ द्वारा उपलब्ध किया गया 10वां डिपोर्टेशन भी है।
एसटीएफ ने बताया कि यह प्रक्रिया भारत और जॉर्जिया सरकारों के सघन सहयोग से संभव हो सकी। वेंकट गर्ग अंबाला जिले के नारायणगढ़ कस्बे का निवासी है और ‘वेनकेट गर्ग गैंग’ का प्रमुख था। इस गैंग में कुल 53 सदस्य शामिल थे, जो अंबाला, यमुनानगर, कुरुक्षेत्र, पंचकूला और चंडीगढ़ में अनेक संगठित अपराधों में लिप्त रहे हैं।
एसटीएफ ने बताया, “यह गैंग हत्या, टारगेटेड किलिंग, हत्या की कोशिश, रंगदारी व हथियारों के गैरकानूनी इस्तेमाल जैसी गंभीर वारदातों में शामिल रहा है।” गर्ग पर हरियाणा और चंडीगढ़ में कुल 34 आपराधिक मामले दर्ज हैं, जिनमें से अधिकांश मामले भारत से भागने से पहले दर्ज थे।
गैंगस्टर ने विदेश भागने के बाद भी अपने साथी गैंग मेंबर्स के जरिए आपराधिक गतिविधियां जारी रखी। इससे हत्या, हत्या की कोशिश, रंगदारी, संगठित अपराध तथा आर्म्स एक्ट उल्लंघन के 11 अतिरिक्त केस दर्ज हुए।
गैंग से जुड़ी एक प्रमुख अपराध घटना में नारायणगढ़ में बहुजन समाज पार्टी के नेता हरबिलास सिंह रज्जूमाजरा की हत्याकांड भी शामिल है। इसके अलावा अंबाला व यमुनानगर में रंगदारी की मांग के सिलसिले में कई बार फायरिंग की घटनाएं हुईं।
जांच में पता चला कि गर्ग 10 दिसंबर 2024 को नई दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से यूएई भाग गया था, फिर 26 जनवरी 2025 को जॉर्जिया पहुंच गया। उसने गुरुग्राम के सेक्टर-67 में पिरामिड अर्बन होम्स 67, टावर नंबर 5, अपार्टमेंट नंबर 1502 के गलत पते का उपयोग कर धोखाधड़ी से पासपोर्ट ले लिया था।
भारत में उसकी गिरफ्तारी और प्रत्यर्पण के लिए एसटीएफ हरियाणा ने कानूनी और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कई कदम उठाए। इनमें लुक आउट सर्कुलर (एलओसी) जारी करना, इंटरपोल रेड कॉर्नर नोटिस, आरोपी को घोषित अपराधी करना और छह ओपन-डेटेड अरेस्ट वारंट लेना शामिल हैं।
इसके बाद अंतरराष्ट्रीय कानून प्रवर्तन चैनलों के जरिए जॉर्जिया में उसकी मौजूदगी की पुष्टि हुई और प्रत्यर्पण प्रक्रिया शुरू कर दी गई। इस प्रत्यर्पण को भारत के विदेश मंत्रालय, नेशनल सेंट्रल ब्यूरो (एनसीबी), जॉर्जिया में भारतीय दूतावास और कजाकिस्तान में भारतीय दूतावास के संयुक्त प्रयासों से सफल बनाया गया।
एसटीएफ के अधिकारीयों ने कहा कि यह कार्रवाई हरियाणा और भारत की कानून व्यवस्था के प्रति उनकी प्रतिबद्धता दिखाती है और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपराधियों के प्रति सहयोग बढ़ाने का संदेश देती है। वेनकट गर्ग की नजरबंदी से क्षेत्र में अपराध का स्तर घटने की उम्मीद जताई जा रही है।
यह घटना न केवल हरियाणा पुलिस की उन्नत कानूनी और जांच क्षमता को दर्शाती है, बल्कि देश के लिए भी एक उदाहरण है कि कैसे अंतरराष्ट्रीय सहयोग से अपराधियों को न्याय के कटघरे में लाया जा सकता है।
