12 वर्षों में भारत ने स्थिरता और परिवर्तन का अनोखा संगम देखा: ज्योतिरादित्य सिंधिया

रोहतक, हरियाणा। केंद्रीय संचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने मंगलवार को हरियाणा के रोहतक में आयोजित विकसित भारत संकल्प सम्मेलन को संबोधित करते हुए केंद्र सरकार के 12 वर्षों के कार्यकाल को “विश्वास, विकास और जनकल्याण की परिवर्तनकारी यात्रा” बताया। उन्होंने कहा कि 2014 के बाद भारत ने स्थिरता और तेज विकास का अद्भुत संतुलन स्थापित किया है, जिसने भारत को विश्व की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में शामिल किया है और 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य की ओर अग्रसर कर रहा है।

सिंधिया ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में जीती गई निर्णायक और स्थिर नेतृत्व की भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने राष्ट्रीय सुरक्षा के क्षेत्र में लिए गए कठोर कदमों, जैसे सर्जिकल स्ट्राइक, बालाकोट एयर स्ट्राइक और ऑपरेशन सिंदूर का उल्लेख करते हुए इसे सरकार की दृढ़ नीति का प्रमाण बताया। उन्होंने आर्थिक क्षेत्र में जीएसटी की शुरुआत को “वन नेशन, वन टैक्स” नीति के रूप में बड़ी उपलब्धि बताया जो आर्थिक एकीकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

उन्होंने भारत की वैश्विक प्रतिष्ठा में हुई वृद्धि की मिसाल देते हुए वैक्सीन मैत्री कार्यक्रम के तहत 100 से अधिक देशों को सहायता प्रदान करना, जी-20 की सफल अध्यक्षता और अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के माध्यम से सांस्कृतिक ताकत का प्रसार बतलाया।

सिंधिया ने सांस्कृतिक पुनर्विकास के कार्यों को “विकास भी और विरासत भी” नीति का परिणाम बताया, जिसमें अयोध्या के राम मंदिर, काशी विश्वनाथ धाम, महाकाल लोक और केदारनाथ धाम के पुनर्निर्माण शामिल हैं। यह सांस्कृतिक समृद्धि और आधुनिकीकरण का संतुलन दर्शाता है।

आर्थिक और आधारभूत संरचना के क्षेत्र में भारत की काफी प्रगति हुई है। सिंधिया ने बताया कि आधारभूत संरचना पर निवेश 2 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर 12.2 लाख करोड़ रुपये हो गया है। ग्रामीण सड़कों का नेटवर्क लगभग 4 लाख किलोमीटर तक फैल चुका है, और राष्ट्रीय राजमार्गों की लंबाई 91,287 किलोमीटर से बढ़कर 1.46 लाख किलोमीटर से अधिक हो गई है। सड़क निर्माण की गति दिन में 11.6 किलोमीटर से बढ़कर 34 किलोमीटर प्रतिदिन हो गई है, जो विकास की गति को दर्शाता है।

रेलवे क्षेत्र में 99.6 प्रतिशत ब्रॉडगेज ट्रैक का विद्युतीकरण पूरा हो चुका है और 1,337 से अधिक रेलवे स्टेशनों के पुनर्विकास का परियोजना योजना चल रही है। वर्तमान में देश में 164 वंदे भारत ट्रेनें संचालित हो रही हैं, जो तेज और आधुनिक परिवहन के उदाहरण हैं।

डिजिटल इंडिया की उपलब्धियों पर बोलते हुए सिंधिया ने कहा कि भारतनेट परियोजना के तहत लाखों किलोमीटर ऑप्टिकल फाइबर नेटवर्क बिछाया गया है। इंटरनेट उपयोगकर्ताओं की संख्या में भारी वृद्धि हुई है और भारत डिजिटल भुगतानों के क्षेत्र में विश्व में अग्रणी बन चुका है। यूपीआई प्लेटफॉर्म पर लेनदेन में अभूतपूर्व विकास दर्ज किया गया है, जो डिजिटल क्रांति की सफलता को दर्शाता है।

जनकल्याणकारी योजनाओं के तहत प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना से 81 करोड़ लोगों को लाभ मिला है। जनधन योजना के तहत 58 करोड़ से अधिक बैंक खाते खोले गए हैं। प्रधानमंत्री आवास योजना ने 4 करोड़ से अधिक परिवारों को घर दिए हैं। उज्ज्वला योजना, जल जीवन मिशन और स्वच्छ भारत मिशन के माध्यम से करोड़ों लोगों को बुनियादी सुविधाएं मिली हैं।

अंत में सिंधिया ने कहा कि भारत ने पिछले 12 वर्षों में स्थिर और तेज़ विकास के साथ मजबूत सामाजिक आधार बनाया है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि आने वाले वर्षों में यह प्रगति और भी गति पकड़ती जाएगी और 2047 तक भारत एक विकसित राष्ट्र बन कर विश्व के मंच पर अपनी नई पहचान स्थापित करेगा।

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