चंडीगढ़। हरियाणा महिला आयोग की अध्यक्ष रेनू भाटिया ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को अपना इस्तीफा भेजा है, हालांकि इस्तीफा देने की वजह उन्होंने स्पष्ट नहीं की है।
रेनू भाटिया ने अपने इस्तीफे में लिखा है कि उन्होंने पिछले लगभग साढ़े चार वर्षों तक निष्ठा और ईमानदारी से हरियाणा महिला आयोग के अध्यक्ष पद का निर्वाह किया है। उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल और वर्तमान मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी का आभार जताया। रेनू भाटिया ने कहा कि वे महिलाओं के अधिकारों और सम्मान के लिए हमेशा संघर्ष करती रहेंगी। उन्होंने भविष्य में भी यदि किसी पद पर नियुक्त किया गया तो उसे पूरी निष्ठा से निभाएंगी।
बीते दिनों कुरुक्षेत्र के एलएनजीपी सरकारी अस्पताल में एक बच्ची के साथ हुई अप्रिय घटना ने इस पूरे मामले को सुर्खियों में ला दिया। इस मामले में अस्पताल के एक डॉक्टर पर आरोप लगे हैं और पुलिस ने उसे गिरफ्तार भी कर लिया है। घटना के बाद हरियाणा महिला आयोग की अध्यक्ष रेनू भाटिया अस्पताल पहुंची थीं और उन्होंने वहां मौजूद स्टाफ नर्सों को फटकार लगाई थी। रेनू ने नर्सों से सवाल किया था कि मामले के समय वे मौके पर क्यों नहीं थीं और बच्ची को अकेला डॉक्टर के पास क्यों जाने दिया गया। इस सवाल ने विवाद को और बढ़ा दिया।
इस घटना के कारण हरियाणा में व्यापक गर्माहट पैदा हो गई है। करनाल जिला नागरिक अस्पताल की स्टाफ नर्सों ने रेनू भाटिया की बर्खास्तगी की मांग करते हुए मंगलवार को दो घंटे की हड़ताल की। उन्होंने दोषी डॉक्टर के खिलाफ सख्त कार्रवाई की भी मांग की। भारती नाम की एक स्टाफ नर्स ने कहा कि अगर सरकार उनकी मांगों को गंभीरता से नहीं लेती है, तो वे लंबी हड़ताल पर जाने को भी तैयार हैं।
इस पूरे प्रकरण ने हरियाणा में महिला सुरक्षा और अस्पतालों में बच्चों के प्रति सुरक्षा की अवहेलना को लेकर नए सवाल खड़े कर दिए हैं। महिला आयोग की अध्यक्ष की इस्तीफा देने की खबर के बाद इस मामले की जाँच और कार्रवाई पर भी निगाहें टिक गई हैं। राज्य सरकार ने इस घटना की गंभीरता को समझते हुए जांच के आदेश दिए हैं। महिला आयोग और संबंधित विभागों से कहा गया है कि वे इस तरह की घटनाओं को दोबारा न होने दें और महिलाओं तथा बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करें।
इस घटना ने अस्पतालों की संवेदनशीलता और स्टाफ की जिम्मेदारियों पर भी सवाल उठाए हैं, जिससे स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार की आवश्यकता साफ हो गई है। हरियाणा सरकार तथा महिला आयोग मिलकर ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए कड़े कदम उठाने का प्रयास कर रहे हैं।
