जालंधर, पंजाब। जालंधर में आरटीआई एक्टिविस्ट और वकील सिमरनजीत सिंह की गोली मारकर हत्या के बाद पूरे पंजाब में माहौल तनावपूर्ण हो गया है। इस दुखद घटना ने राज्य की कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पंजाब के पूर्व कैबिनेट मंत्री और कांग्रेस नेता गुरकीरत सिंह कोटली ने इस घटना पर कड़ा आशय व्यक्त करते हुए कहा है कि सरकार पूरी तरह से विफल हो चुकी है और राज्य में कानून व्यवस्था चरमरा गई है।
गुरकीरत सिंह कोटली ने शनिवार को संवाददाता सम्मेलन में कहा कि पंजाब के लोगों के लिए यह बहुत चिंता का विषय है कि एक प्रतिष्ठित आरटीआई एक्टिविस्ट को खुलेआम गोली मार दी गई। यह सिर्फ एक घटना नहीं, बल्कि पंजाब सरकार की नाकामी का उदाहरण है। उन्होंने कहा, “पंजाब में कानून व्यवस्था इस हद तक खराब हो गई है कि गैंगस्टर बेखौफ होकर राज्य में सक्रिय हैं।”
कोटली ने आरोप लगाया कि भगवंत मान सरकार ने अपराधियों पर काबू पाने में पूरी तरह असफलता दिखाई है। उन्होंने कहा, “भयरहित अपराध और फायरिंग की घटनाएं बढ़ती जा रही हैं, जिससे जनता में असुरक्षा का माहौल बन गया है। खन्ना में भी हाल ही में ऐसी वारदातें सामने आई हैं, जिससे स्थिति और अधिक गंभीर हो गई है। प्रसिद्ध प्रेम ढाबे और देव कलेक्शन जैसे सार्वजनिक स्थानों पर फायरिंग होना कानून-व्यवस्था की तस्वीर को और खराब कर देता है। स्थानीय लोग भी इन घटनाओं से भयभीत हैं।”
उन्होंने सरकार से सख्त कदम उठाने की मांग की और चेतावनी दी कि अगर त्वरित कार्रवाई नहीं हुई, तो अपराधी और भी मुखर होंगे। कोटली ने कहा, “जब तक उचित सुरक्षा उपाय नहीं किए जाते, तब तक ऐसे घटनाक्रम बंद नहीं होंगे।”
हत्या का मामला एलपीयू जालंधर–लुधियाना हाईवे के पास चहेरू इलाके में हुआ। पुलिस के अनुसार, कुछ अज्ञात हमलावरों ने आरटीआई एक्टिविस्ट और वकील सिमरनजीत सिंह को घात लगाकर निशाना बनाया था। बताया जा रहा है कि आरोपी हमला करने से पहले ही इंतजार कर रहे थे और जैसे ही सिमरनजीत सिंह वहां से गुजरे, उन पर ताबड़तोड़ गोलियां चलाई गईं। यह हमला इतना तीव्र था कि उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
पुलिस ने मामले की गहराई से जांच शुरू कर दी है, लेकिन फिलहाल हत्या के पीछे की असली कारण स्पष्ट नहीं हो पाए हैं। राज्य भर में इस हत्याकांड के बाद सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चर्चा जोरों पर है और लोग सरकार से जल्द कार्रवाई की उम्मीद कर रहे हैं।
