शिमला, हिमाचल प्रदेश। शिमला के बालूगंज इलाके में गुरुवार को जंगल की भीषण आग भड़क उठी, जिसने मानसिक स्वास्थ्य एवं पुनर्वास केंद्र (मेंटल हॉस्पिटल) और ब्रिटिश काल के कब्रिस्तान तक अपने लपटों को पहुंचा दिया। दमकल विभाग की टीमों, अस्पताल स्टाफ और स्थानीय लोगों ने कई घंटों तक जंगल की आग को बुझाने के लिए अथक प्रयास किया।
बालूगंज फायर स्टेशन के लीडिंग फायरमैन रमेश शर्मा ने बताया कि सुबह 10:43 बजे उन्हें आग लगने की सूचना मिली। आग मानसिक अस्पताल से लगभग आधा किलोमीटर की दूरी पर शुरू हुई और बाद में आईएसबीटी की ओर फैल गई। दमकल कर्मी लगातार आग बुझाने में लगे रहे।
मेंटल हेल्थ एंड रिहैबिलिटेशन सेंटर के कर्मचारी लाटू राणा ने संवाददाताओं को बताया कि पिछले चार-पाँच घंटों से आग तेजी से फैल रही थी। अस्पताल स्टाफ और दमकल विभाग के साथ मिलकर आग बुझाने का काम जारी है।
वन विभाग के कर्मचारी और स्थानीय लोग भी आग बुझाने के कार्य में जुटे हैं। आग से कब्रिस्तान और डॉग हाउस को भी नुकसान पहुंचा है। कई गांवों के नजदीक भी आग पहुंचने से स्थानीय लोगों में अफरा-तफरी मच गई। हालांकि, अभी तक किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है।
स्थानीय निवासी नरेंद्र कुमार ने बताया कि मानसिक अस्पताल के पास बने डॉग हाउस और आसपास के पेड़ों में आग फैल गई थी। फायर डिपार्टमेंट, वन विभाग और इलाके के लोगों ने सहयोग कर आग को बड़े पैमाने पर फैलने से रोका।
दमकल अधिकारियों ने बताया कि आग को पूरी तरह नियंत्रण में आने में अभी कुछ समय लग सकता है। मौके पर कई दमकल विभाग की टीमें तैनात हैं और वे लगातार आग बुझाने का प्रयास कर रही हैं।
शिमला में गर्मी और सूखे के मौसम में जंगलों में आग लगने की घटनाएं बढ़ गई हैं। वन विभाग ने सभी स्थानीय नागरिकों से निवेदन किया है कि जंगलों में आग लगाने से बचें और किसी भी तरह की लापरवाही न बरतें। प्रशासन की ओर से भी स्थिति पर कड़ी नजर रखी जा रही है और जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त आपातकर्मी तैनात किए जाएंगे।
वर्तमान में बालूगंज इलाके में फैली आग को बुझाने के प्रयास जारी हैं ताकि आसपास के मानव बस्तियों और प्राकृतिक संसाधनों को बचाया जा सके।
