गुरुग्राम, हरियाणा। गुरुग्राम में शुक्रवार शाम को अचानक बिजली संकट ने जनजीवन को प्रभावित कर दिया। सेक्टर-72 में स्थित 220 KVA सबस्टेशन के मुख्य ट्रांसफार्मर के फुंकने से शहर के कई हिस्सों में अंधेरा छा गया और बिजली सप्लाई ठप हो गई। इस खराबी के चलते सेक्टर-15, 38, 44, 46, 52, 56 के साथ-साथ मारुति प्लांट के 66KVA सबस्टेशन की सप्लाई बंद हो गई, जिससे इलाके के निवासियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
बिजली संकट के कारण गुरुग्राम के पॉश और वाणिज्यिक इलाकों में उमस भरी गर्मी के बीच लोगों का जीवन अस्त-व्यस्त हो गया। अधिकतर घरों और कार्यालयों में रोशनी बंद हो गई और पंखे भी नहीं चल पाए। स्थानीय प्रशासन और बिजली विभाग के अधिकारियों ने मौके पर तुरंत पहुंचकर हालात संभालने की कोशिश की।
रैपिड मेट्रो सेवा प्रभावित
बिजली कटौती का असर गुरुग्राम की रैपिड मेट्रो पर भी देखने को मिला। शाम करीब 7:50 बजे से लेकर 8:33 बजे तक मेट्रो सेवा बाधित रही। ट्रेनें बीच रास्ते में रुक गईं, जिससे यात्रियों को आपातकालीन दरवाजों के माध्यम से बाहर निकलना पड़ा। कई बुजुर्ग और बच्चे मोबाइल की फ्लैशलाइट की रोशनी में ट्रैक पर पैदल चलते हुए स्टेशन तक पहुंचे। हालांकि येलो लाइन पर सप्लाई स्टैंडबाय मोड में बनी रही। डीएमआरसी के प्रवक्ता ने बताया कि स्थिति सामान्य होते ही मेट्रो सेवा पुनः सुचारु कर दी गई।
प्रभावित क्षेत्रों की सूची
- सेक्टर-38 से 57 तक के रिहायशी इलाके
- सेक्टर-15 पार्ट-1 एवं पार्ट-2
- सेक्टर-18
- मारुति प्लांट क्षेत्र
अधिकारियों का बयान
बिजली विभाग के अधिकारियों ने बताया कि ट्रांसफार्मर की मरम्मत में लगभग 8 से 10 घंटे लग सकते हैं। उन्होंने आश्वस्त किया कि यह समस्या जल्द ही दूर कर दी जाएगी और बिजली सप्लाई देर रात या अगले दिन सुबह तक बहाल कर दी जाएगी। डीएमआरसी के प्रवक्ता ने भी बिजली की बाधा मिटते ही मेट्रो सेवा को पुनः चालू कर दिया गया।
स्थानीय निवासियों ने बिजली विभाग की सतत चेतावनी और समय से पूर्व मरम्मत की अपील की है ताकि भविष्य में इस तरह की किसी भी आपात स्थिति से बचा जा सके। बिजली संकट और मेट्रो सेवा बाधित होने की घटना ने गुरुग्राम के विकास को भी प्रभावित किया है, इसलिए अधिकारियों ने तत्पर हो कर समस्याओं का निराकरण करने के निर्देश दिए हैं।
