यूएस ग्रीन कार्ड के लिए आवेदन अब केवल अपने देश से ही करना होगा

Washington, D.C.

संयुक्त राज्य अमेरिका के नागरिक सेवा विभाग (USCIS) के प्रवक्ता जैक काहलर ने एक महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए कहा है कि अब ग्रीन कार्ड प्राप्त करने की इच्छा रखने वाले आवेदकों को अपने मूल देश से ही आवेदन करना अनिवार्य होगा। इस नई नीति का उद्देश्य अवैध रूप से अमेरिका में रह रहे व्यक्तियों की संख्या को कम करना है, जो निवास के लिए आवेदन अस्वीकृत होने के बाद छिपकर रह जाते हैं।

जैक काहलर ने बताया कि इस बदलाव से उन लोगों को पहले ही पहचानने और बाहर निकाले जाने की प्रक्रिया को आसान बनाया जाएगा जो कानूनी प्रक्रिया को दरकिनार कर अमेरिका में रहना चाहते हैं। उनका कहना है कि इससे अब ग्रीन कार्ड चाहने वाले आवेदकों को अपनी घरेलू सरकार की सहायता से आवेदन करना होगा, जिससे ट्रैकिंग और सत्यापन की प्रक्रिया अधिक प्रभावी होगी।

इस पहल के तहत USCIS उन आवेदकों पर विशेष तौर से ध्यान देगा जिन्होंने अमेरिका में रहकर गैरकानूनी रूप से आवेदन करने या निवास प्राप्त करने की कोशिश की हो। काहलर ने कहा कि ‘‘यह कदम गैरकानूनी प्रवासन को नियंत्रित करने और संयुक्त राज्य के नागरिकता और आव्रजन नियमों को कड़ाई से लागू करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।’’

विशेषज्ञों का मानना है कि यह नीति घरेलू स्तर पर भी देशों के प्रशासनिक सहयोग को बढ़ावा देगी और उसके साथ ही अनाधिकृत निवास के मामलों पर रोक लगाएगी। हालांकि, कुछ आलोचक इस नीतिगत परिवर्तन को उन लोगों के लिए कठोर भी मान रहे हैं जो विभिन्न कारणों से अमेरिका में रहना चाहते हैं, लेकिन अब अपने देश से आवेदन नहीं कर पा रहे।

USCIS ने अपनी वेबसाइट पर विस्तृत जानकारी प्रदान की है कि नए नियम के तहत आवेदन कैसे करना होगा और आवेदक किन दस्तावेजों के साथ आवेदन कर सकते हैं। अधिकारियों का कहना है कि यह बदलाव अमेरिका की आव्रजन नीतियों को और अधिक सुव्यवस्थित और सुरक्षित बनाने की दिशा में एक मजबूत प्रयास है।

अमेरिका में ग्रीन कार्ड धारक बनने की चाहत रखने वाले लाखों लोग अब अपने मूल देश की सीमाओं के भीतर रहकर ही आवेदन प्रक्रिया से गुजरेंगे, जिससे सरकार को निगरानी और प्रणाली की पारदर्शिता दोनों बढ़ाने में मदद मिलेगी। USCIS प्रवक्ता ने अंत में कहा, “हमारा लक्ष्य है कि आव्रजन प्रक्रियाओं को पारदर्शी, न्यायसंगत, और किफायती बनाया जाए ताकि संविधान के अनुसार देश में कानूनी और सुरक्षित आव्रजन सुनिश्चित किया जा सके।”

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