AIADMK के जिला सचिव और वरिष्ठ पदाधिकारी पलानीस्वामी के समर्थन में एकजुट

चेन्नई, तमिलनाडु। हाल ही में संपन्न चुनाव में AIADMK ने अपने और उसके सहयोगी दलों के 53 उम्मीदवारों की जीत को पलानीस्वामी की राज्यव्यापी प्रचार रणनीति से जोड़ा है। पार्टी ने इस सफलता के लिए पलानीस्वामी के अथक प्रयासों को मुख्य कारण माना है।

AIADMK द्वारा जारी एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया कि पार्टी के कमजोर छोरों को मजबूती देने और विधानसभा चुनावों में बेहतर परिणाम लाने में पलानीस्वामी की भूमिका अहम रही है। पार्टी सूत्रों के अनुसार, चुनाव प्रचार के दौरान पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने उनकी अगुआई में जबरदस्त एकजुटता दिखाई।

हालांकि, पार्टी ने उस बैठक में शामिल हुए जिला सचिवों की संख्या पर कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी। ज्ञात हो कि पार्टी में कुल 82 जिला सचिव हैं, लेकिन प्रकाशन में इस बात का उल्लेख नहीं किया गया कि कितने जिला सचिव बैठक में उपस्थित थे। इसको लेकर राजनीति विश्लेषकों के बीच चर्चा तेज हो गई है कि क्या पार्टी संगठन में कोई आंतरिक मतभेद चल रहे हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि पलानीस्वामी की नेतृत्व क्षमता ने चुनावी सफलता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है, परन्तु संगठन के भीतर व्यापक समर्थन भी उतना ही जरूरी है। बैठक में शामिल जिला सचिवों की संख्या का खुलासा न होना इसे लेकर आशंकाओं को जन्म दे रहा है।

पार्टी की आगामी रणनीति पर नजर रखने वाले राजनीतिक विद्वान यह भी कह रहे हैं कि पलानीस्वामी को आगे भी संगठन को मजबूत करने के लिए सभी जिला सचिवों और वरिष्ठ पदाधिकारियों का समर्थन प्राप्त करना चाहिए, ताकि AIADMK एक सशक्त विपक्षी दल के रूप में अपनी स्थिति बनाए रख सके।

इस चुनाव परिणाम से ऐसा प्रतीत होता है कि पार्टी ने एकजुट होकर चुनावी मैदान में मेहनत की है, बस संगठन के अंदर की पूरी तस्वीर स्पष्ट हो जाने पर ही इसकी स्थायी मजबूती का आकलन किया जा सकेगा।

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