चंडीगढ़, पंजाब। पंजाब भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने हाल ही में फिरोजपुर जिले के मुदकी नगर परिषद चुनाव के संदर्भ में चुनाव आयोग और पुलिस महानिदेशक को शिकायत सौंपते हुए चुनाव स्थगित करने की मांग की है। भाजपा का आरोप है कि चुनाव प्रक्रिया के दौरान बड़े पैमाने पर हिंसा और धमकियां दी गईं, जिसके चलते चुनाव निष्पक्ष ढंग से संपन्न नहीं हो पा रहा है।
भाजपा कार्यालय सचिव सुनील दत्त भारद्वाज की ओर से दी गई शिकायत में बताया गया है कि भाजपा के उम्मीदवारों समेत विपक्षी दलों के कई प्रत्याशियों को धमकाया गया और उनपर हमला भी हुआ। आरोप है कि सत्ताधारी आम आदमी पार्टी के समर्थक असामाजिक तत्वों ने गैरकानूनी तरीकों से नामांकन दाखिल करने में बाधा उत्पन्न की।
शिकायत में यह भी कहा गया है कि 16 मई को गुरप्रीत सिंह सेखों के नेतृत्व में हथियारबंद समूह ने मुदकी में नामांकन केंद्र के आस-पास तनाव का माहौल पैदा किया, जिससे कई उम्मीदवार और उनके समर्थक घायल हो गए। भाजपा ने पुलिस की निष्क्रियता को भी गंभीरता से उठाया और कहा कि स्थानीय पुलिस अधिकारी इस दौरान केवल मूकदर्शक बने रहे तथा निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने में असफल रहे।
इसके अलावा, हिंसा और बाधा उत्पन्न करने वाले लगभग 300 अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ एफआईआर तो दर्ज की गई है, लेकिन बीजेपी का मानना है कि यह कार्रवाई देरी से हुई और प्रकिया अधूरी रह गई। पार्टी ने संबंधित अधिकारियों को तत्काल हटाने और इस पूरे प्रकरण की स्वतंत्र जांच कराने की भी मांग की है।
भाजपा ने चुनाव आयोग से आग्रह किया है कि जब तक मुदकी में शांतिपूर्ण व निष्पक्ष चुनाव के लिए वातावरण पूरी तरह बहाल नहीं हो जाता, चुनाव को स्थगित रखा जाए। पार्टी ने यह भी कहा कि उम्मीदवारों को पर्याप्त सुरक्षा दी जाए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए ताकि लोकतांत्रिक प्रक्रिया को सुरक्षित रखा जा सके।
भाजपा का कहना है कि भय, धमकी तथा हिंसा के माहौल में चुनाव कराना लोकतंत्र के मूल्यों के विपरीत है और ऐसी स्थिति में लोकतंत्र काम नहीं कर सकता। उन्होंने चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता बनाए रखने की पूरी जिम्मेदारी चुनाव आयोग और प्रशासन पर डाली है।
इस मामले में चुनाव आयोग और पुलिस प्रशासन की प्रतिक्रिया आने का इंतजार किया जा रहा है, जबकि स्थानीय जनता भी शांतिपूर्ण और निष्पक्ष चुनाव की उम्मीद कर रही है ताकि लोकतांत्रिक प्रक्रिया सुचारु रूप से संपन्न हो सके।
