NIA ने कंबोडिया से जुड़े ‘साइबर गुलामी’ मामले में ‘मास्टरमाइंड’ और चार अन्य के खिलाफ चार्जशीट दायर की

नई दिल्ली, भारत – राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने हाल ही में एक बड़े मानव तस्करी रैकेट का भंडाफोड़ करते हुए कंबोडिया से जुड़े ‘साइबर गुलामी’ मामले में मुख्य आरोपी यानी ‘मास्टरमाइंड’ सहित चार अन्य आरोपितों के खिलाफ formal चार्जशीट दायर की है। यह सिंडिकेट भारत के युवाओं को धोखे से कंबोडिया ले जाकर उन्हें साइबर अपराध के तहत शोषण करता था।

सूत्रों के अनुसार, यह गिरोह युवाओं को वैध नौकरियों और उच्च वेतन के लालच में फंसा कर विदेश ले जाता था, जहां उन्हें पूर्ण परिस्थितियों और आश्वासनों के विपरीत काम कराया जाता था। इन युवाओं को कंबोडिया में गैरकानूनी तरीके से रखकर साइबर अपराधों में इस्तेमाल किया जाता था, जो उनके लिए एक प्रकार का आधुनिक युग का दासत्व था।

एनआईए की जांच में पता चला कि गिरोह के सदस्यों ने भारत में विभिन्न जनजातीय और ग्रामीण इलाकों से युवाओं को निशाना बनाया, जहां बेरोजगारी अधिक थी। उन्होंने सोशल मीडिया और रोजगार एजेंसियों के माध्यम से झूठे आश्वासन दिए कि उन्हें विदेशी कंपनियों में अच्छी तानख्वाह और नौकरी मिलेगी।

फिर युवाओं को कंबोडिया भेजा गया, जहां वे साइबर अपराध की गुमनाम दुनिया में फंस गए। कई युवाओं ने बताया कि उन्हें लगातार धमकाया जाता था, उन्हें काम के नाम पर अत्यधिक शारीरिक और मानसिक यातनाएं दी जाती थीं, और वे वापस नहीं आ सकते थे।

NIA के अधिकारियों ने बताया कि इस मामले में अभी तक कई तार पूरे देश में जुड़ चुके हैं, और एजेंसी इस अवैध नेटवर्क के अन्य सदस्य और उसकी वित्तीय संरचना को भी उजागर करने की कोशिश कर रही है। यह मामला मानव तस्करी, साइबर अपराध, धोखाधड़ी, जैसमेवृंद वित्तीय अपराधों से जुड़ा है।

विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रकार के अपराध न सिर्फ व्यक्तिगत पीड़ितों के लिए त्रासदी हैं, बल्कि इससे देश की सुरक्षा और सामाजिक न्याय दोनों प्रभावित होते हैं। इसलिए ऐसी घटनाओं की रोकथाम और तेज़ जांच-फड़ताल बेहद आवश्यक है।

एनआईए ने आम जनता से भी अपील की है कि वे इस प्रकार की धोखाधड़ी के खिलाफ सतर्क रहें और संदिग्ध गतिविधियों की सूचना तुरंत स्थानीय पुलिस या अधिकारियों को दें।

यह कार्रवाई भारतीय कानून व्यवस्था की मजबूती का उदाहरण है, जो आधुनिक अपराधों के खिलाफ लगातार लड़ती आ रही है। कानून प्रवर्तन संस्थाएं ऐसे मामलों की खोज और त्वरित कार्रवाई के लिए प्रतिबद्ध हैं, ताकि युवाओं को सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन मिल सके।

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