धर्मशाला, हिमाचल प्रदेश। नगर निगम चुनाव प्रचार के दौरान भाजपा सांसद अनुराग ठाकुर ने कांग्रेस सरकार पर तीखा प्रहार करते हुए भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने जनता से जो वादे किए थे उनसे मुकर गई है और प्रदेश को भारी कर्ज में डुबो दिया है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस का शासकीय प्रदर्शन बेहद निराशाजनक रहा है। ‘‘कांग्रेस ने चुनावों में जो गारंटी दी थी, वह पूरी तरह असफल साबित हुई। अब कांग्रेस सरकार बिना किसी जवाबदेही के सिर्फ ढकी-छुपी राजनीति कर रही है।’’
एनईईटी यूजी पेपर लीक मामले पर सीएम भगवंत मान के बयान को लेकर अनुराग ठाकुर ने सवाल उठाए कि ‘‘पंजाब में इस कदर भ्रष्टाचार हो रहा है कि मंत्री इस्तीफा दे रहे हैं, सांसद पार्टी छोड़ चुके हैं और कई मंत्रियों पर जांच हो रही है। फिर भी सरकार खुलकर जवाब नहीं दे पा रही है।’’ उन्होंने कांग्रेस और आम आदमी पार्टी को कठोर शब्दों में आड़े हाथों लिया।
अनुराग ठाकुर ने कहा, ‘‘वह प्रदेश जहां पहले ड्रग्स मुक्त होने की बात कही गई थी, वहां अब ड्रग्स के मामले बढ़ रहे हैं। विधानसभा में शराब पीकर आने वाले मंत्री राज्य की छवि को नुकसान पहुंचा रहे हैं। यह सरकार जनहित के बजाय अपने स्वार्थ में लगी है।’’
मुख्यमंत्री भगवंत मान और कांग्रेस कार्यकर्ताओं को पीएम नरेंद्र मोदी के संदेश को समझने की नसीहत देते हुए उन्होंने कहा कि देश को आत्मनिर्भर बनाने के लिए सभी को मिलकर काम करना होगा। उन्होंने कहा, ‘‘जब तक राज्य और केंद्र सरकार एक साथ न मिलकर काम करेंगे, तब तक जनता की समस्यों का समाधान नहीं होगा।’’
भाजपा नेता मुख्तार अब्बास नकवी ने भी प्रधानमंत्री के संदेश को दोहराते हुए विपक्ष पर आरोप लगाया कि वह देश में असमंजस फैलाने में लगे हुए हैं। उन्होंने कहा कि यह समय राजनीतिक बयानबाजी करने का नहीं, बल्कि आपदा से निपटने के लिए एकजुटता का है। आपातकालीन दौर में सभी को संयम से काम लेना होगा।
इस दौरान अनुराग ठाकुर ने प्रदेशवासियों से अपील की कि वे सही जानकारी पर ध्यान दें और किसी भी प्रकार के भ्रम से बचें। उन्होंने कहा कि भाजपा जनहित में काम करने वाली पार्टी है और प्रदेश की भलाई के लिए पूरी मेहनत कर रही है।
नगर निगम चुनावों के लिहाज से यह चुनाव प्रदेश की दिशा तय करने वाला होगा। अनुराग ठाकुर के इस बयान से साफ है कि राजनीतिक मुकाबला और भी तीव्र होने वाला है और आगामी चुनावों में जनता की उम्मीदें और विरोध दोनों चरम पर पहुंचेंगे।
