चंडीगढ़। भारतीय जनता पार्टी के पंजाब अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने मुख्यमंत्री भगवंत मान के ईडी से जुड़े बयान पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा है कि पंजाब में बनी कथित कट्टर ईमानदार सरकार वास्तव में भ्रष्टाचार को संरक्षण दे रही है। उन्होंने इस मामले को हल्के में लेने की बजाय सख्त जांच की मांग की है।
सुनील जाखड़ ने शनिवार को जारी बयान में कहा कि यह मामला केवल अमन अरोड़ा या संजीव अरोड़ा तक सीमित नहीं है, बल्कि असली चिंता यह है कि भूमि उपयोग परिवर्तन (CLU) के जरिए किसानों की जमीन बरबाद की जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि मोहाली शहर के लगभग 30 एकड़ जमीन से जुड़े लगभग 170 करोड़ रुपए के घोटाले की जांच में कई अनियमितताएं सामने आई हैं। इसी तरह लुधियाना में भी एक फर्म द्वारा भ्रष्ट तरीके से भूमि का इस्तेमाल किया गया।
जाखड़ ने कहा कि जिन जमीनों को सरकार ने उद्योग लगने के उद्देश्य से किसानों से कम दाम पर खरीदा था, उनका इस्तेमाल अवैध कॉलोनियां बसाने में किया गया। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि उद्योग स्थापित नहीं हुआ, तो प्रदेश सरकार को तुरंत किसानों को वह जमीन वापस करनी चाहिए थी, लेकिन इसके बजाय कई करोड़ों रुपए की गड़बड़ियां रहीं।
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि मुख्यमंत्री भले ही खुद को भ्रष्टाचार मुक्त बताते हों, लेकिन यदि उनकी सरकार के लोग ही इस तरह के घोटाले में लिप्त हैं, तो वे इसका सच्चा विरोध क्यों नहीं करते? जाखड़ ने कहा, “अगर मुख्यमंत्री सचमुच कट्टर ईमानदार होते, तो करोड़ों के इस भ्रष्टाचार पर खुद कार्रवाई करते। पर ऐसा नहीं हो रहा, बल्कि सरकार इसे ढकने की कोशिश कर रही है।”
उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है जब पंजाब में ‘सबका हिसाब’ होना चाहिए। दिल्ली से आए सुपर मंत्री जो CLU विभाग संचालित कर रहे हैं, उन्हें भी जांच के दायरे में लाया जाना चाहिए। मुख्यमंत्री अपने लोगों के दोष छुपाने में लगे हैं और इसके लिए खुद को असहाय साबित कर रहे हैं। उन्होंने सवाल किया कि जिस भ्रष्टाचार को भगवंत मान पहले “कैंसर” बताते थे, अब वे उसी के संरक्षण में क्यों लगे हैं?
सुनील जाखड़ ने पंजाब के लोगों को भरोसा दिलाया कि जनता अब अच्छी तरह समझ चुकी है कि आम आदमी पार्टी सरकार के शासन में किस तरह भ्रष्टाचार और लूट हो रही है। उन्होंने जोर देकर कहा कि पंजाब में जल्द ही इसका पूरा हिसाब-किताब होगा, और दोषियों को सजा मिलेगी।
