राघव चड्ढा और भगवंत मान की राष्ट्रपति से कल मुलाकात, दलबदल कानून व पंजाब सरकार पर टकराव तेज

नई दिल्ली/चंडीगढ़:

पंजाब की राजनीति इन दिनों काफी उलझन में है और आम आदमी पार्टी से जुड़े हालिया घटनाक्रम ने राज्य तथा केंद्र सरकार दोनों में हलचल पैदा कर दी है। इसी कड़ी में मंगलवार को राघव चड्ढा, जो हाल ही में भाजपा में शामिल हुए हैं, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से मुलाकात करने वाले हैं। उन्होंने इस मुलाकात के लिए समय मांगा था, जिसे राष्ट्रपति कार्यालय ने मंजूरी देते हुए सुबह 10:40 बजे का निर्धारित समय दिया है। इस मुलाकात को राजनीतिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि चड्ढा के साथ दो अन्य राज्यसभा सदस्य भी राष्ट्रपति से मिलेंगे। वे पंजाब सरकार द्वारा भाजपा में शामिल हुए नेताओं के खिलाफ की जा रही कार्रवाई पर अपनी आपत्तियां राष्ट्रपति के सामने रख सकते हैं।

भगवंत मान की राष्ट्रपति से दोपहर में मुलाकात

इसी दिन दोपहर 12 बजे पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान भी राष्ट्रपति से मिलने वाले हैं। दोनों प्रमुख नेताओं की एक ही दिन राष्ट्रपति से मुलाकात इस पूरे घटनाक्रम को और भी अहम बना देती है। मुख्यमंत्री मान पहले ही संकेत दे चुके हैं कि वे दलबदल कानून में बदलाव की मांग लेकर राष्ट्रपति से चर्चा करेंगे। एक मई को विधानसभा के विशेष सत्र में मान ने स्पष्ट किया था कि पंजाब इस संबंध में देश का पहला ऐसा राज्य बन सकता है जो सुधारों की पहल करेगा। वे राष्ट्रपति को यह भी बताएंगे कि हाल ही में विधानसभा में पारित विश्वास प्रस्ताव राज्य सरकार के प्रति जनता के समर्थन का प्रमाण है।

दलबदल कानून में संशोधन की आवश्यकता

मुख्यमंत्री भगवंत मान का कहना है कि मौजूदा दलबदल कानून में कई खामियां हैं जिनका दुरुपयोग कर नेताओं द्वारा राजनीतिक स्वार्थ साधा जाता है। उनका सुझाव है कि इस कानून को अधिक प्रभावी और सख्त बनाया जाना चाहिए ताकि जनप्रतिनिधि अपनी पार्टी और जनता के प्रति जवाबदेह रहे। मान का कहना है कि जो नेता पार्टी छोड़ते हैं उन्हें तुरंत अपनी सीट गंवानी चाहिए और फिर से चुनाव लड़ना चाहिए। जिससे लोकतांत्रिक व्यवस्था मजबूत हो सके।

भाजपा का पंजाब सरकार पर गंभीर आरोप

वहीं भाजपा ने पंजाब सरकार पर मुकदमों व अन्य आरोपों के जरिए राजनीतिक उत्पीड़न का आरोप लगाया है। रविवार को भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष सुनील जाखड़ के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया से मिला और पत्र सौंपा। इसमें आरोप लगाया गया कि सरकार पुलिस व अन्य एजेंसियों का दुरुपयोग कर विपक्षी नेताओं को निशाना बना रही है, विशेष तौर पर उन नेताओं पर जो आप छोड़कर भाजपा में शामिल हुए हैं।

गैर-जमानती धाराओं के तहत केस और छापेमारी विवाद

भाजपा ने राज्यसभा सदस्य संदीप पाठक के खिलाफ लगाए गए दो गैर-जमानती धाराओं में दर्ज मुकदमों को राजनीतिक बदले की कार्रवाई बताया है। इसके अलावा उद्योगपति और भाजपा नेता राजिंदर गुप्ता की फैक्ट्री पर पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की छापेमारी को भी राजनीतिक दुश्मनी का ज्वलंत उदाहरण माना गया है। भाजपा का कहना है कि राज्य सरकार एजेंसियों का इस्तेमाल विपक्ष को दबाने के लिए कर रही है जो लोकतंत्र के सिद्धांतों के विरुद्ध है।

राजनीतिक सुरक्षा हटाने का मुद्दा गरमाया

भाजपा ने यह भी आरोप लगाया कि पंजाब सरकार राजनीतिक विरोधियों की सुरक्षा हटा रही है जिससे उनकी जान को खतरा हो सकता है। बिना किसी उचित जांच पड़ताल के सुरक्षा हटाए जाने का मामला राज्यपाल के सामने रखा गया है। भाजपा ने मामले में राज्यपाल से हस्तक्षेप और सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है साथ ही राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति को लेकर भी गंभीर चिंता जताई है।

राजनीतिक टकराव की संभावना

राघव चड्ढा और मुख्यमंत्री भगवंत मान की एक ही दिन राष्ट्रपति से मुलाकात इस बात का संकेत है कि यह मामला अब राज्य की राजनीति से आगे बढ़कर राष्ट्रीय स्तर पर पहुंच चुका है। भाजपा के नेता जिनका दावा है कि सरकार उनके खिलाफ राजनीतिक कार्रवाई कर रही है, वहीं राज्य सरकार दलबदल कानून की मजबूती की मांग करते हुए उसे लोकतंत्र के लिए आवश्यक सुधार बता रही है। आगामी दिनों में इस पर और तीव्र विवाद देखने को मिल सकता है।

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