संदीप पाठक के भाजपा में शामिल होते ही कार्रवाई: FIR दर्ज, सुखबीर बादल का निशाना— “यह आप सरकार की बदले की राजनीति है”

चंडीगढ़, पंजाब। शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने आम आदमी पार्टी (आप) पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि पंजाब में संदीप पाठक के खिलाफ दर्ज मुकदमों के पीछे राजनीतिक बदले की राजनीति छिपी है। संदीप पाठक के भाजपा में शामिल होते ही उनके खिलाफ दर्ज FIR को लेकर सुखबीर बादल ने आप सरकार की नीति पर सवाल उठाए हैं।

सुखबीर सिंह बादल ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व ट्विटर) पर पोस्ट किया, “हीरो से जीरो तक… उन लोगों को चुन-चुनकर निशाना बनाया जा रहा है, जिनके आम आदमी पार्टी से रिश्ते बिगड़ गए हैं। संदीप पाठक कभी भगवंत मान और अरविंद केजरीवाल के भरोसेमंद साथी और सत्ता के केंद्र में थे। यदि तब वह गलत थे, तो यह उनका कार्यक्रम था। तब उनके साथ कौन था और अब क्यों मामले नहीं दर्ज हुए?”

उन्होंने कहा, “जब संदीप पाठक ने पार्टी छोड़ी और भाजपा में शामिल हुए, तो उनके खिलाफ जमानत न मिलने वाली धाराओं के तहत FIR दर्ज कर दी गई। यह साफ तौर पर बदले की राजनीति का एक उदाहरण है, जिसकी जांच-पड़ताल में बड़ा बदलाव देखने को मिला है।”

यह FIR पंजाब के दो जिलों में दर्ज की गई है जिनमें भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप शामिल हैं। पुलिस ने जांच तेज कर दी है और जरूरत पड़ने पर गिरफ्तारी भी हो सकती है। हालांकि पुलिस ने अभी तक आधिकारिक विवरण नहीं जारी किया है।

संदीप पाठक को आम आदमी पार्टी के प्रमुख रणनीतिकारों में गिना जाता था और वह 2022 से राज्यसभा सदस्य भी हैं। उनकी रणनीति से पार्टी ने पंजाब विधानसभा चुनाव 2022 में बड़ी जीत हासिल की थी। अब भाजपा में शामिल होने के बाद उनकी राजनीतिक भूमिका और भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

राजनीतिक विशेषज्ञ मानते हैं कि संदीप पाठक के भाजपा में शामिल होने और उनके खिलाफ FIR दर्ज होने से पंजाब के अगले विधानसभा चुनाव का माहौल प्रभावित हो सकता है। यह मामला राजनीतिक दलों के बीच भिड़ंत को और तीव्र करने वाला माना जा रहा है।

इस घटनाक्रम ने पंजाब की सियासी फिजा में नई बहस छेड़ दी है और चुनाव से पहले राजनीतिक दलों की रणनीतियों को नई दिशा देगा।

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