तिरुवन्नामलाई, तमिलनाडु। चitra Pournami के पावन अवसर पर तिरुवन्नामलाई शहर में उत्सव बहुत धूमधाम से मनाया गया। इस दिन तीर्थयात्रियों और श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के कारण लगभग 320 टन कचरा उत्पन्न हुआ, जिसे नगर निगम ने प्रभावी तरीके से एकत्रित कर फेंक दिया।
चitra Pournami का पर्व, जो पूर्णिमा की रात को मनाया जाता है, तिरुवन्नामलाई में धार्मिक महत्व रखता है। इस दिन भगवान अरुणाचलेश्वर की पूजा अर्चना विशेष रूप से की जाती है, जिसका आकर्षण दूर-दूर से लाखों श्रद्धालुओं को खींचता है। इस वर्ष भी हजारों की संख्या में लोग मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में पहुंचे।
इस विशाल जनसमूह के कारण प्लास्टिक, कागज, पेड़ से बने सजावट के सामान, खाद्य पदार्थों के पैकेट, फोम के प्लेट, जलपान के बर्तन तथा अन्य घरेलू कचरे की बड़ी मात्रा उत्पन्न हुई। तिरुवन्नामलाई नगर निगम ने पहले से ही इस चुनौती का सामना करने के लिए सफाई कर्मचारियों की संख्या बढ़ाई थी और पर्याप्त संसाधन तैनात किए थे।
नगर निगम कमिश्नर श्री एम. रवि ने बताया कि चitra Pournami के दिन लगभग 320 टन कचरा एकत्रित किया गया और इसे उचित स्थानों पर द्रुतता से निपटाया गया। उन्होंने सफाई टीमों की प्रशंसा करते हुए कहा कि इस वर्ष सफाई व्यवस्था पिछले वर्षों की तुलना में अधिक प्रभावी रही है। साथ ही उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे पर्यावरण संरक्षण के लिए कचरा प्रबंधन में सहयोग दें और कूड़ा न फैलाएं।
स्थानीय प्रशासन द्वारा विभिन्न जागरूकता अभियानों का आयोजन भी किया गया, जिससे लोगों को स्वच्छता का महत्व समझाने में मदद मिली। मंदिर प्रबंधन और स्वयंसेवी संस्थानों ने भी सफाई कार्य में सक्रिय भागीदारी दी।
विशेषज्ञों के मुताबिक, धार्मिक आयोजनों के दौरान कचरा प्रबंधन एक चुनौतीपूर्ण कार्य होता है, लेकिन उचित योजना और सामूहिक प्रयासों से पर्यावरण को नुकसान पहुंचाए बिना उत्सव का आयोजन संभव है।
तिरुवन्नामलाई में चitra Pournami के इस वर्ष के आयोजन ने यह स्पष्ट कर दिया कि समर्पित प्रशासनिक प्रयास और जन सहयोग से बड़े पैमाने पर सफाई संभव है, जिससे पर्यावरण और स्वास्थ्य दोनों का संरक्षण होता है।
इस प्रकार, चitra Pournami के पावन अवसर पर उत्पन्न कचरा का नियंत्रण और प्रबंधन एक सफल मिशन रहा, जो आगे के पर्वों के लिए एक आदर्श बन सकता है।
