हैदराबाद के बाहरी इलाके में सिबेरियन हस्की कुत्ते परित्यक्त, गंभीर रूप से निर्जलित पाए गए; एक की मौत, आठ का पता चला

हैदराबाद, तेलंगाना – शहर के बाहरी इलाकों में एक गंभीर मामला सामने आया है जहां सिबेरियन हस्की नस्ल के नौ कुत्ते परित्यक्त पाए गए। ये सभी कुत्ते 2 से 3 वर्ष की उम्र के थे और गर्मी के चरम मौसम में खुले क्षेत्र में छांव या पानी के बिना छोड़े गए थे। इस दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति के कारण एक कुत्ते की मौत हो गई जबकि बाकी आठ को स्थानीय लोगों ने ढूंढ कर बचाया।

जानकारी के अनुसार, ये कुत्ते मानव आबादी से दूर खुले क्षेत्र में फेंक दिए गए थे, जहां न तो साफ पानी था और न ही किसी प्रकार की सुरक्षा। अत्यधिक गर्मी की वजह से ये जानवर गंभीर रूप से निर्जलित होकर जूझ रहे थे। स्थानीय निवासियों ने इन्हें देखकर तुरंत पशु कल्याण संगठनों को सूचना दी।

पशु अधिकार संगठनों ने मौके पर जाकर तत्काल इन कुत्तों को पानी पिलाया और प्राथमिक उपचार शुरू किया। उनमें से कुछ की हालत इतनी गंभीर थी कि उन्हें स्थानीय पशु चिकित्सालय में भर्ती कराना पड़ा। इस घटना ने स्थानीय प्रशासन और पशु संरक्षण संगठनों के बीच चिंता बढ़ा दी है।

पशु विशेषज्ञों का कहना है कि सिबेरियन हस्की जैसे जानवर जो ठंडे इलाकों के लिए अनुकूलित होते हैं, गर्म और शुष्क मौसम में बगैर उचित देखभाल के निर्जलित हो सकते हैं, जिससे उनकी सेहत पर गंभीर विपरीत प्रभाव पड़ता है। इस मामले ने लोगों के बीच पालतू जानवरों की जिम्मेदारी के प्रति जागरूकता बढ़ाने की जरुरत को रेखांकित किया है।

स्थानीय प्रशासन ने इस मामले की जांच शुरू कर दी है और ऐसे कृत्यों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का आश्वासन दिया है। पुलिस भी उन लोगों की पहचान कर रही है जो इन जानवरों को छोड़ गए थे। वहीं पशु कल्याण समूह इस बात पर जोर दे रहे हैं कि पालतू जानवरों को छोड़ना न केवल अनैतिक है बल्कि इससे जुर्माना भी हो सकता है।

यह घटना हैदराबाद के कई पशु प्रेमियों के लिए झटका देने वाली है, जिन्होंने इन कुत्तों की सेवा और देखभाल के लिए आगे आने की प्रतिबद्धता जताई है। पशु संरक्षण संगठन भविष्य में ऐसे मामलों से बचने के लिए जागरूकता अभियान चलाने की योजना भी बना रहे हैं।

इस बीच, जनता से अपील की गई है कि वे किसी भी जानवर को इस तरह के दुष्काल में छोड़ने से पहले उचित उपाय करें और संबंधित विभागों को सूचित करें ताकि समय रहते मदद पहुंचाई जा सके। यह सुनिश्चित करना अत्यंत आवश्यक है कि किसी भी जीव को अनावश्यक कष्ट और खतरे का सामना न करना पड़े।

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