नई दिल्ली, भारत – भारत की प्रमुख फूड डिलीवरी सेवा कंपनी Zomato ने हाल ही में घोषणा की है कि वह ऐसे बिजनेस और प्रोडक्ट लीडर्स की भर्ती करेगी, जो आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को अपने ‘दूसरे मस्तिष्क’ के रूप में उपयोग कर रहे हैं। इस कदम के पीछे कंपनी का उद्देश्य टेक्नोलॉजी के माध्यम से अपने बिजनेस को और अधिक स्मार्ट और चुस्त बनाना है।
Zomato के सीईओ ने बताया कि AI आज के समय में सिर्फ एक तकनीक नहीं रह गया है, बल्कि यह निर्णय लेने और उत्पाद विकास में एक अहम भूमिका निभा रहा है। ऐसे में वे उन नेताओं की तलाश में हैं जो AI को कार्यप्रणाली का अभिन्न हिस्सा बनाकर, बिजनेस की समस्याओं को नये और प्रभावी तरीके से हल कर सकें।
इस नयी भर्ती रणनीति के तहत, Zomato उन उम्मीदवारों को प्राथमिकता देगा जिनके पास AI और मशीन लर्निंग के क्षेत्र में गहरा अनुभव हो तथा जो इसके उपयोग से उत्पाद की गुणवत्ता, ग्राहक अनुभव और परिचालन दक्षता को बेहतर बना सके। कंपनी का मानना है कि आधुनिक प्रतिस्पर्धी बाजार में बने रहने के लिए टेक्नोलॉजी से जुड़े ऐसे पेशेवरों की जरूरत है जो डेटा का सही विश्लेषण कर सकें और उसे रणनीतिक फैसलों में बदल सकें।
विशेषज्ञों के अनुसार, फूड टेक इंडस्ट्री में AI के इस्तेमाल से न केवल डिलीवरी लॉजिस्टिक्स में सुधार आ सकता है बल्कि ग्राहक पसंद, मेनू कस्टमाइजेशन और कॉल सेंटर ऑटोमेशन जैसे क्षेत्र भी बेहतर हो सकते हैं। Zomato की यह पहल इंडस्ट्री में एक नई मिसाल स्थापित कर सकती है, जो अन्य कंपनियों के लिए भी प्रेरणा स्रोत बनेगी।
कंपनी ने यह भी कहा है कि नई भर्ती प्रक्रिया में प्रतिभागी को डिजिटल और तकनीकी कौशल के साथ-साथ नेतृत्व क्षमता भी दिखानी होगी क्योंकि वे ऐसे प्रोजेक्ट्स का नेतृत्व करेंगे जो AI आधारित नवाचार को बढ़ावा देंगे। Zomato का यह कदम भारतीय स्टार्टअप इकोसिस्टम के लिए महत्वपूर्ण संकेत है कि तकनीक और नेतृत्व के बीच सामंजस्य से व्यापार को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाया जा सकता है।
अंततः, कौन सी रणनीतियाँ अपनाई जाएंगी और कैसे AI का समुचित उपयोग किया जाएगा, यह देखने वाली बात होगी। परन्तु इतना जरूर है कि Zomato की यह नई नीति भविष्य में टेक्नोलॉजी युक्त बिजनेस संचालन की दिशा तय करने में मददगार साबित होगी।
