बेंगलुरु, कर्नाटक। वरिष्ठ राजनेता एवं पूर्व प्रधानमंत्री श्री एच.डी. देवेगौड़ा ने हाल ही में ‘बसवा श्री’ सम्मान के लिए अपनी उपस्थिति न देने के सम्बन्ध में खेद व्यक्त किया है। यह सम्मान उन्हें बसव जयंती के अवसर पर प्रदान किया जाना था। उन्होंने स्वास्थ्य समस्याओं के कारण कार्यक्रम में भाग न लेने के लिए माफी मांगी है।
बसव जयंती, जिसे सन् 12वीं सदी के समाज सुधारक और दार्शनिक बसवनाथ के स्मरण में मनाया जाता है, सामाजिक समता, शिवभक्ति एवं नैतिकता के संदेश के लिए प्रसिद्ध है। इस अवसर पर हर वर्ष विभिन्न राज्यों में शैक्षिक, सांस्कृतिक और सामाजिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। इस बार भी बसवा श्री पुरस्कार वितरण समारोह का आयोजन किया गया था, जिसमें अपने उल्लेखनीय योगदान के लिए श्री देवेगौड़ा को सम्मानित किया गया।
स्वास्थ्य कारणों से अपने प्रति श्रद्धा व्यक्त करते हुए एवं कार्यक्रम में शामिल न हो पाने की व्याख्या करते हुए श्री देवेगौड़ा ने कहा कि समाज के लिए काम करना उनका प्रथम कर्तव्य है और वे जल्द ही सक्रिय होकर जनता के बीच लौटेंगे। उनकी इस माफी से कार्यक्रम के आयोजकों ने सहानुभूति जताई और उनकी शीघ्र स्वास्थ्यलाभ की कामना की।
राजनीतिक विशेषज्ञों के अनुसार, एच.डी. देवेगौड़ा का यह सम्मान उनके लंबे राजनीतिक करियर, सामाजिक प्रतिबद्धता तथा कर्नाटक के विकास में महत्वपूर्ण योगदान का प्रतीक है। बसवा श्री पुरस्कार, जो उनके व्यक्तित्व के समाजसेवी और आदर्श नेता स्वरूप को मान्यता देता है, उन्हें मिली यह प्रतिष्ठा कर्नाटक के राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्र में उनकी गहरी पैठ को दर्शाती है।
अंत में, यह आयोजन बसव जयंती के सांस्कृतिक महत्व को और भी प्रगाढ़ करता है तथा हमें याद दिलाता है कि समाज सुधार और भाईचारे के मार्ग पर चलने वाले नेताओं का सम्मान करना आवश्यक है। श्री देवेगौड़ा के स्वास्थ्यलाभ के लिए प्रार्थना करते हुए यह भी उम्मीद की जाती है कि वे शीघ्र ही जनता के बीच लौट कर अपनी सेवा यात्रा आगे बढ़ाएंगे।
