ट्रम्प ने टेक टैक्स को लेकर स्टार्मर को ‘बड़ा टैरिफ’ लगाने की धमकी दी, टेलीग्राफ रिपोर्ट

लंदन, यूके – पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ब्रिटेन की सरकार को चेतावनी दी है कि अगर उसने अमेरिकी टेक कंपनियों को लक्षित करने वाले विवादास्पद टैक्स को वापस नहीं लिया तो अमेरिका ब्रिटेन पर बड़ा टैरिफ लगा सकता है। यह बयान उन्होंने ब्रिटिश अखबार द टेलीग्राफ को दिए गए साक्षात्कार में दिया।

ट्रम्प ने स्पष्ट किया कि उनकी नजरों में यूके का यह नया टेक टैक्स अमेरिकी तकनीकी दिग्गजों को अनुचित रूप से निशाना बनाता है। उन्होंने कहा, “अगर वो यह टैक्स वापस नहीं लेते हैं, तो हम बड़े टैरिफ लगाएंगे।” यह चेतावनी इस बात की ओर इशारा है कि अमेरिका द्विपक्षीय व्यापार संबंधों में सख्ती कर सकता है ताकि अमेरिकी कंपनियों की सुरक्षा की जा सके।

ब्रिटेन ने हाल ही में डिजिटल सेवा टैक्स लागू किया है, जिसका मकसद बड़ी तकनीकी फर्मों से अधिक कर वसूलना है, जिनमें कई अमेरिकी फर्म भी शामिल हैं। अमेरिकी अधिकारियों और कंपनियों ने इसे व्यापारिक बाधा और अनुचित कराधान बताया है। ट्रम्प की यह टिप्पणी ब्रिटेन और अमेरिका के बीच इस मुद्दे पर बढ़ते तनाव को दर्शाती है।

ट्रेड विशेषज्ञ और आर्थिक विश्लेषक इस कदम को यूके के लिए चुनौतीपूर्ण मान रहे हैं क्योंकि कहीं न कहीं यह ब्रिटेन की विदेशी निवेश नीति और अमेरिकी साझेदारी को प्रभावित कर सकता है। इसी बीच, ब्रिटिश वित्त मंत्री ने कहा है कि वे दोनों पक्षों के हितों का संतुलन बनाने के लिए बातचीत में जुटे हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि इस विवाद का समाधान किसी वैश्विक कर प्रणाली के सुधार से हो सकता है जिसे आने वाले समय में जी20 और ओईसीडी जैसे मंचों पर चर्चा के लिए रखा जाएगा। फिलहाल, ट्रम्प की चेतावनी ने ब्रिटेन की नीति निर्माताओं के लिए एक नया दबाव पैदा कर दिया है कि वे कैसे अंतरराष्ट्रीय तकनीकी कंपनियों पर कर लगाने के मामले में अमेरिका के साथ तालमेल बनाए रखें।

इस संदर्भ में, दोनों देशों के बीच व्यापारिक वार्ता और चर्चा की उम्मीद की जा रही है ताकि इस मसले को बिना किसी बड़े विवाद के सुलझाया जा सके। ट्रेड संबंधों में किसी भी प्रकार की कठिनाई से दोनो अर्थव्यवस्थाओं को नुकसान हो सकता है, इसलिए देखते हैं कि आगे क्या कदम उठाए जाते हैं।

Source

error: Content is protected !!