वीडियो: लश्कर-ए-तैयबा के सह-संस्थापक अमीर हमजा पर फिदायीन हमला सफलतापूर्वक टला; हाफिज सईद के पुत्र ताहिर सईद ने लाहौर में उनसे मुलाकात की

लाहौर। 16 अप्रैल 2026 को लश्कर-ए-तैयबा के सह-संस्थापक अमीर हमजा पर एक सुनियोजित हत्या प्रयास विफल रहा। अमीर हमजा, जो इस आतंकवादी संगठन के प्रारंभिक सदस्यों में से एक हैं, बृहस्पतिवार को इस हमले से जीवित बचे। इस घटना ने न केवल सुरक्षा एजेंसियों को सतर्क कर दिया है, बल्कि लश्कर-ए-तैयबा के अंदरूनी हालात पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, अमीर हमजा पर हमला लाहौर शहर में हुआ जहां वह एक सार्वजनिक स्थान पर थे। हमले में कई राउंड फायरिंग की गई, लेकिन सुरक्षा में तैनात सुरक्षाकर्मियों की तत्परता के कारण हमलावर नाकाम रहे। स्थानीय पुलिस और कानून प्रवर्तन एजेंसियां इस मामले की जांच कर रही हैं और संदिग्धों की पहचान करने के प्रयास तेज कर दिए गए हैं।

हमले के कुछ घंटे बाद, आतंकवादी संगठन लश्कर-ए-तैयबा की अंदरूनी बातचीत भी प्रकाश में आई। इंटरसेप्ट की गई बातचीत में यह जानकारी मिली कि हाफिज सईद के पुत्र ताहिर सईद, जो वर्तमान में संगठन के सक्रिय सदस्य माने जाते हैं, सीधे तौर पर अमीर हमजा से मुलाकात के लिए लाहौर पहुंचे हैं। यह मुलाकात संगठन के भविष्य की रणनीतियों को लेकर हुई मानी जा रही है।

वही सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यह हमला संगठन के भीतर चल रही सत्ता संघर्ष की एक झलक हो सकती है। अमीर हमजा का लंबे समय से लश्कर की रणनीति और संचालन में अहम किरदार रहा है, और उनकी सुरक्षा पर यह हमला संगठन के भीतर अलग-अलग गुटों के बीच टकराव को दर्शाता है।

पुलिस के एक अधिकारी ने नाम न जाहिर करने की शर्त पर बताया, “हमारे पास सुरक्षात्मक उपाय थे जो समय पर काम आए। फिलहाल, हम सभी संभावित कड़ी को परख रहे हैं और जल्द ही कार्यवाही करेंगे।” उन्होंने आगे कहा कि पूरी घटना की विस्तृत जांच के लिए राष्ट्रीय जांच एजेंसी को भी सूचित कर दिया गया है।

लश्कर-ए-तैयबा पर भारतीय सुरक्षा एजेंसियां लगातार नजर बनाए हुए हैं। इस संगठन को भारत समेत कई अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों ने आतंकवादी संगठन का दर्जा दिया है। अमीर हमजा के बचे रहने की खबर ने न केवल पाकिस्तान में, बल्कि पड़ोसी देशों में भी सुरक्षा के मुद्दों को लेकर नई बहस छेड़ दी है।

विशेषज्ञों की राय है कि इस घटना के बाद पुलिस और खुफिया एजेंसियों को और अधिक चौकस और सक्रिय होकर आतंकवादी गतिविधियों पर रोक लगानी होगी। साथ ही, ऐसे हमलों की योजना बनाने वाले गुटों तथा संदिग्धों की पहचान और ट्रैकिंग पर जोर दिया जाना चाहिए।

अमीर हमजा के हमले से जिंदा बचने की खबर आने के बाद, हाफिज सईद के पुत्र ताहिर सईद की लाहौर में उनकी मुलाकात को लेकर भी सुरक्षा एजेंसियां चिंतित हैं। यह मुलाकात संगठन के आंतरिक परिदृश्य में किसी नई रणनीति या गतिरोध का संकेत हो सकती है, जिसके कारण आने वाले समय में और घटनाओं को लेकर सतर्कता बरतने की जरूरत है।

लाहौर में हुई इस घटना ने एक बार फिर इस क्षेत्र में तनाव और सुरक्षा चुनौतियों को उजागर कर दिया है। स्थानीय प्रशासन ने आम जनता से संयम बनाए रखने और संदिग्ध गतिविधियों की सूचना सुरक्षा बलों को देने के लिए अपील की है।

अधिक जानकारी के लिए जुड़े रहें और इस खबर पर आने वाले समय में अपडेट प्राप्त करें।

Read More

error: Content is protected !!