कनाडा ने 3 नवंबर से एक्सप्रेस एंट्री के जरिये परमानेंट रेजिडेंसी (PR) पाने वालों के लिए नए नियम लागू कर दिए हैं। ये बदलाव खासतौर पर उन भारतीय वर्कर्स के लिए महत्वपूर्ण हैं जो अच्छी सैलरी वाली नौकरियां करते हैं। नए नियमों के तहत, बेहतर वेतन पाने वाले उम्मीदवारों को ज्यादा प्वाइंट्स मिलेंगे जिससे उनका PR प्रक्रिया में चयन बढ़ जाएगा।
CRS प्वाइंट्स में बदलाव
IRCC ने कॉम्प्रिहेंसिव रैंकिंग सिस्टम (CRS) में दो अहम बदलाव किए हैं। पहला, कनाडा के वर्क एक्सपीरियंस या हाई सैलरी वाली नौकरी के लिए मिलने वाले प्वाइंट बढ़ा दिए गए हैं। दूसरा, अब जॉब ऑफर के लिए लेबर मार्केट इम्पैक्ट असेसमेंट (LMIA) की जरूरत नहीं होगी। LMIA हटाने से प्रक्रिया तेजी से और सरल हो गई है, क्योंकि यह पूर्व में कंपनियों के लिए महंगी और लंबी प्रक्रिया थी।
LMIA वर्कर और कंपनी दोनों के लिए बाधा हुआ करता था, पर इससे बच जाने से एक्सप्रेस एंट्री के तहत आवेदन करना आसान हो गया है। नए नियम नौकरी और वेतन को ध्यान में रखते हुए कनाडाई इमिग्रेशन प्रक्रिया को फ्लेक्सिबल बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम हैं।
वेतन के आधार पर नए प्वाइंट्स
कनाडा में कम से कम एक साल का वैध वर्क एक्सपीरियंस रखने वाले उम्मीदवार जो मीडियन से अधिक सैलरी वाले काम करते हैं, उन्हें अतिरिक्त CRS प्वाइंट्स मिलेंगे। उदाहरण के लिए, अगर किसी उम्मीदवार ने ऐसी नौकरी में काम किया है जहाँ वेतन मीडियन का दोगुना है, तो उसे 70 अंक मिलेंगे। मीडियन वेतन के 1.5 गुना वेतन पर 40 अंक और 1.3 गुना वेतन पर 20 अंक जोड़े जाएंगे।
ये अंक सामान्य CRS वर्क एक्सपीरियंस प्वाइंट्स के ऊपर मिलेंगे, जिनमें 5 साल तक के लिए अधिकतम 80 अंक मिल सकते हैं। कुल मिलाकर, कनाडाई वर्क एक्सपीरियंस के लिए अधिकतम 150 प्वाइंट तक हासिल किए जा सकते हैं। इसके लिए वर्क एक्सपीरियंस पिछले 10 साल के भीतर होना चाहिए और नौकरी की स्किल लेवल TEER 0, 1, 2 या 3 के अंतर्गत होनी चाहिए।
जिन उम्मीदवारों के पास अच्छी सैलरी का जॉब ऑफर है, उन्हें भी अलग से प्वाइंट्स मिलेंगे। अगर जॉब ऑफर का वेतन मीडियन का कम से कम 2 गुना है, तो 100 अंक, 1.5 गुना पर 70 अंक और 1.3 गुना पर 50 अंक मिलेंगे। यह जॉब ऑफर PR मिलने के बाद कम से कम एक साल के लिए फुल-टाइम जारी रहना चाहिए।
कंपनी या नौकरी के लिए LMIA की जरूरत खत्म होने के कारण वर्कर और नियोक्ता दोनों के लिए आवेदन प्रक्रिया सरल बन गई है। ध्यान रहे कि अगर वर्क एक्सपीरियंस और जॉब ऑफर दोनों के लिए अंक मिल रहे हों, तो ज्यादे अंक ही गिने जाएंगे।
भारतीय वर्कर्स के लिए सुझाव
जो पहले से कनाडा में हैं, उन्हें अपनी नौकरी की सैलरी को मीडियन वेतन से तुलना करनी चाहिए और समझना चाहिए कि वे किस कैटेगरी में आते हैं। अपनी एक्सप्रेस एंट्री प्रोफाइल अपडेट करना जरूरी है ताकि नए प्वाइंट्स का लाभ मिल सके। वेतन और अनुभव का सही प्रमाण रखने के लिए पे-स्लिप्स, टैक्स रिकॉर्ड, और नौकरी से जुड़े दस्तावेज संगृहीत करना चाहिए।
कनाडा सरकार के नई बदलावों को ध्यान में रखते हुए उम्मीदवारों को अपने CRS स्कोर का मूल्यांकन कर नया अवसर देखना चाहिए। इसके साथ ही, हाल ही में हुए ड्रॉ के कट-ऑफ से अपने स्कोर की तुलना कर यह समझना महत्वपूर्ण है कि नए प्वाइंट्स से कितनी मदद मिल सकती है।
मुख्य तथ्य
- 3 नवंबर से कनाडा ने एक्सप्रेस एंट्री में नए प्वाइंट्स लागू किए।
- हाई सैलरी वाली नौकरी और कनाडा वर्क एक्सपीरियंस वाले को अधिक अंक मिलेंगे।
- जॉब ऑफर के लिए LMIA की जरूरत खत्म हुई है।
- नए नियम भारतीय वर्कर्स को PR पाने में सहायक होंगे।
