सरकार ने अग्निपथ योजना के तहत अग्निवीरों की सेवा अवधि बढ़ाकर 6 साल कर दी है। इस बदलाव से अग्निवीर 2 साल अतिरिक्त देश सेवा कर सकेंगे और इस दौरान मिलने वाली सैलरी भी बढ़ेगी। यह फैसला दिवाली से पहले किया गया है, जिससे अग्निवीरों के वेतन और सेवा निधि में सुधार होगा।
अग्निवीरों की सेवा अवधि और वेतन संरचना
अग्निपथ योजना के तहत 2022 में भर्ती की शुरुआत हुई थी, जिसमें शुरुआती चार साल की सेवा अवधि तय की गई थी। अब सरकार ने दो साल और जोड़ दिए हैं, जिससे कुल सेवा अवधि 6 साल हो गई है। इस दौरान अग्निवीरों को पहले की तुलना में ज्यादा वेतन मिलेगा। पहले साल की शुरुआत ₹30,000 मासिक वेतन से होती है, जिसमें 70 प्रतिशत यानी ₹21,000 इनहैंड दिए जाते हैं।
इसके अलावा ₹9,000 अग्निवीर कॉर्पस फंड में जमा किए जाते हैं, जिसमें सरकार भी बराबर का योगदान देती है। हर साल वेतन में वृद्धि होती है, दूसरे साल ₹33,000, तीसरे साल ₹36,500 और चौथे साल ₹40,000 मासिक सैलरी तय की गई है। ये राशि अग्निवीरों की नियमित तनख्वाह के अलावा भत्तों और अन्य सुविधाओं के अतिरिक्त है।
अग्निवीरों को न केवल मासिक वेतन मिलता है बल्कि ड्रेस, यात्रा भत्ते और अन्य प्रकार के भत्ते भी प्रदान किए जाते हैं। सेवा निधि में सरकार द्वारा भी योगदान किया जाता है जो उनकी भविष्य की सुरक्षा को मजबूत बनाता है।
दो साल एक्सटेंशन में वेतन वृद्धि
नए 2 साल के एक्सटेंशन के दौरान अग्निवीरों को वेतन वृद्धि के रूप में 5वें साल ₹43,500 और 6वें साल ₹47,500 मासिक वेतन मिलेगा। यह बढ़ोतरी सरकार द्वारा अग्निवीरों की सेवाओं के प्रति सम्मान और प्रोत्साहन के रूप में मानी जा रही है।
सीडीएस जनरल एनएस राजा सुब्रमणि ने बताया कि अग्निवीर सेवा निधि में अग्निवीर जितना योगदान देंगे, सरकार उसके 70 प्रतिशत से ज्यादा का योगदान करेगी। इससे अग्निवीरों का भविष्य सुरक्षित रहेगा और उनकी आर्थिक स्थिति मजबूती से सुदृढ़ होगी।
सरकार ने सेवा विस्तार के साथ अग्निवीरों को परमानेंट सर्विस का मौका भी दिया है। इसके तहत पिछले चार साल के रिकॉर्ड के आधार पर 25 प्रतिशत अभ्यर्थियों को स्थायी नौकरी दी जाएगी। बाकी अग्निवीर 2 साल के अतिरिक्त कार्यकाल के बाद सेवा समाप्त कर सकेंगे।
यह निर्णय अग्निपथ योजना को और अधिक आकर्षक बनाने और युवाओं में सेना में जुड़ाव बढ़ाने की सरकारी योजना का हिस्सा है। इस बदलाव से अग्निवीरों की सेवा अवधि भी लंबी होगी और वेतन के साथ-साथ भविष्य निधि भी बेहतर होगा।
