अभिनेता ताहिर राज भसीन ने छोटे रोल से शुरुआत कर फिल्मों में अपनी खास जगह बनाई है। वह अब वेब सीरीज ‘शक : ट्रस्ट नो वन’ की वजह से चर्चा में हैं। ताहिर ने कहा कि कम समय में उन्हें नामी निर्देशकों के साथ काम करने का अवसर मिला, जिसे वह अपनी किस्मत मानते हैं।
नानी से मिली अभिनय की प्रेरणा
ताहिर ने बताया कि उनकी नानी फिल्मों की बहुत बड़ी शौकीन थीं और उनकी प्रेरणा का अहम हिस्सा रही हैं। हर शुक्रवार वे नानी के साथ सिंगल स्क्रीन थिएटर में फिल्मों का आनंद लेते थे। उनके नानी के कमरे में राजेश खन्ना और शाहरुख खान के पोस्टर लगे थे, जिनमें अब ताहिर का पोस्टर भी शामिल है। उनका कहना है कि दिल्ली में जब उनके पहले पोस्टर लगे थे, तब उनकी नानी और मां उन्हें दिखाने ले गईं।
वे बताते हैं कि नानी अक्सर कहते हैं कि उन्होंने अच्छा लड़का पाला है, मगर वह जो डार्क किरदार करते हैं, उस पर गुस्सा भी होती हैं। ताहिर बताते हैं कि वह अपनी नानी को समझाते हैं कि आज के दर्शक किरदार और अभिनेता में फर्क समझते हैं।
एक खास अभिनय सफर
ताहिर ने अपने करियर की शुरुआत फिल्मों “किस्मत लव पैसा दिल्ली” और “काई पो छे” से की। लेकिन उन्हें बड़ा ब्रेक फिल्म ‘मर्दानी’ में मेन विलेन का रोल निभाने का मिला। उन्होंने कहा कि प्रदीप सरकार से शुरुआत करके वे नंदिता दास, नितेश तिवारी, कबीर खान, मिलन लुथरिया और नीरज पांडे जैसे बड़े निर्देशकों के साथ काम कर चुके हैं।
ताहिर ने कहा कि उनके निभाए किरदार दर्शकों के दिलों में बस जाते हैं। ‘शक’ वेब सीरीज में उनके किरदार आलोक को लेकर दर्शकों का मिलाजुला रिएक्शन है। कुछ लोग उससे जुड़ाव महसूस करते हैं, तो कुछ उसे गुस्से से देखते हैं। ताहिर के लिए यह सबसे बड़ी सफलता है कि उनका किरदार लोगों के दिलों में असर छोड़े।
ताहिर ने अपने अभिनय के प्रति जुड़ाव और इंडस्ट्री में अपनी शैली पर भी बात की। उन्होंने कहा कि वे हमेशा लंबे समय तक याद रहने वाले काम करना चाहते हैं, न कि केवल लोकप्रियता हासिल करना। उन्होंने बताया कि वे अपनी निजी जिंदगी और काम के बीच संतुलन बनाकर रखते हैं और हर वक्त सोशल मीडिया पर सक्रिय रहना जरूरी नहीं समझते।
सोशल मीडिया के महत्त्व को लेकर ताहिर ने कहा कि वह सिर्फ अपनी फिल्मों या ट्रेलर की प्रतिक्रिया जानने के लिए इसका इस्तेमाल करते हैं। वे यह भी मानते हैं कि व्यक्तिगत जिंदगी की हर बात सोशल मीडिया पर साझा करना जरूरी नहीं है। उनका मानना है कि वास्तविक सफलता उस काम की होती है, जो लोगों के दिलों में जगह बनाता है।
महिलाओं के दर्द को समझना
हालांकि हाल ही में राजस्थान की नाबालिग से जुड़ी भयावह घटनाओं ने देश को झकझोर दिया, ताहिर ने महिलाओं की सुरक्षा पर गंभीर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि समाज में जागरूकता और शिक्षा बढ़ाना जरूरी है ताकि ऐसे मामलों में बदलाव आ सके।
सोशल मीडिया पर चल रहे एंटी-मैन नारों पर ताहिर का कहना है कि वे महिलाओं के दर्द और गुस्से को समझते हैं, लेकिन पूरे पुरुष समाज को दोषी ठहराना सही नहीं। उन्होंने कहा कि पुरुषों में कई ऐसे लोग हैं जो महिलाओं का समर्थन करते हैं। ताहिर का मानना है कि नकारात्मकता बढ़ाने की बजाय एकता और समझ पर जोर देना चाहिए।
