धूम्रपान के कारण सिर्फ फेफड़ों और दिल ही नहीं, बल्कि आपके होंठों का रंग भी बदल सकता है। डॉक्टर अक्षित यादव, धर्मशीला नारायणा हॉस्पिटल के डर्माटोलॉजी एसोसिएट कंसलटेंट, के अनुसार, सिगरेट में मौजूद निकोटीन और हानिकारक रसायन होंठों की त्वचा पर पिगमेंटेशन बढ़ाते हैं। इस वजह से होंठ काले या गहरे रंग के दिखने लगते हैं।
सिगरेट से होंठों में होने वाले बदलाव
धूम्रपान के दौरान तंबाकू के रसायन होंठों और म्यूकोसा पर असर डालते हैं। शरीर प्रतिक्रिया स्वरूप मेलेनिन नामक पिगमेंट का उत्पादन बढ़ा देता है, जिससे होंठों का रंग गहरा हो जाता है। इस स्थिति को स्मोकर मेलानोसिस कहा जाता है, जहां होंठों और मुंह के अंदर की त्वचा पर काले या भूरे धब्बे दिखने लगते हैं। इसके अलावा, सिगरेट का धुआं और गर्मी होंठों को सूखा और जला भी सकती है।
होंठ काले होने का कारण केवल धूम्रपान नहीं होता। डॉक्टर अक्षित यादव ने बताया कि शरीर में हार्मोनल बदलाव, विटामिन बी12 या आयरन की कमी, ज्यादा धूप लगना, दवाओं के साइड इफेक्ट या लिप प्रोडक्ट्स से एलर्जी भी होंठों के रंग पर प्रभाव डाल सकती हैं। इसलिए, अगर आपके होंठों का रंग अचानक बदल रहा है, तो डॉक्टर से जांच कराना जरूरी है।
धूम्रपान छोड़ने से होंठों की सेहत में सुधार
होंठों का कालापन कम करने के लिए सबसे प्रभावी तरीका है धूम्रपान छोड़ना। इससे होंठों को तंबाकू के हानिकारक प्रभावों से छुटकारा मिलता है। हालांकि, होंठों का प्राकृतिक रंग आने में समय लगता है और यह व्यक्ति की त्वचा की प्रकृति और धूम्रपान की अवधि पर निर्भर करता है। हर किसी के होंठों का रंग पूरी तरह वापस न भी आए, यह संभव है।
होंठों की देखभाल के लिए कुछ जरूरी उपाय भी डॉक्टर अक्षित यादव ने सुझाए हैं। धूम्रपान और तंबाकू के सभी रूपों से बचना चाहिए। धूप से होंठों की सुरक्षा के लिए SPF युक्त लिप बाम का इस्तेमाल करें। बार-बार होंठ चाटने या रगड़ने से बचें और पर्याप्त मात्रा में पानी पीना चाहिए। बिना डॉक्टरी सलाह के कोई भी लाइटनिंग क्रीम या केमिकल उपचार न करें।
यह भी बताया गया कि होंठों के रंग का अचानक या असामान्य बदलाव स्वास्थ्य का संकेत हो सकता है। इसलिए डर्मेटोलॉजिस्ट से सलाह लेना आवश्यक है ताकि सही कारण का पता चले और सही उपचार हो सके। धूम्रपान के अलावा भी कई कारण होंठों के रंग को प्रभावित करते हैं, जिन्हें नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए।
मनीष रायसवाल ने इस विषय पर बताया कि धूम्रपान की वजह से त्वचा संबंधी कई नुकसान होते हैं, जिनमें होंठों का रंग गहरा होना भी शामिल है। वे टीवी9 डिजिटल के लाइफस्टाइल बीट के टीम लीड हैं और हेल्थ विषयों पर भी लेखन करते हैं।
संक्षेप में, सिगरेट पीने से होंठों का रंग काला पड़ सकता है, लेकिन इसके लिए कई अन्य कारण भी जिम्मेदार हो सकते हैं। यदि होंठों का रंग बदल रहा है तो डॉक्टर से संपर्क करना जरूरी है। धूम्रपान छोड़ना और उचित देखभाल होंठों की सेहत के लिए आवश्यक है।
