नई दिल्ली, दिल्ली। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने की मांग को लेकर विपक्ष का विरोध तेज होता जा रहा है। इस बीच लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा है कि यदि विपक्ष मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ कोई नया महाभियोग प्रस्ताव लाता है, तो उसकी जांच निर्धारित नियमों और संसदीय प्रक्रियाओं के तहत की जाएगी।
ओम बिरला का यह बयान मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर जारी विवाद के बीच आया है। विपक्ष इस प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं को लेकर चुनाव आयोग के प्रमुख पर सवाल उठा रहा है। इसी मुद्दे को लेकर मुख्य चुनाव आयुक्त को पद से हटाने की मांग भी तेज हुई है।
एसआईआर को लेकर विपक्ष का विरोध
मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर विपक्ष की आपत्तियों के बीच चुनाव आयोग के कामकाज पर बहस जारी है। विपक्ष का आरोप है कि एसआईआर प्रक्रिया में अनियमितताएं हुई हैं। इसी आधार पर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने की मांग की जा रही है।
इस विवाद के बीच लोकसभा अध्यक्ष ने अपने बयान में संसदीय नियमों के पालन पर जोर दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि कोई नया प्रस्ताव पेश किया जाता है, तो उस पर नियमानुसार विचार किया जाएगा।
पहले दो बार हो चुके हैं प्रयास
मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाने के लिए विपक्ष पहले भी दो बार प्रयास कर चुका है। पहले प्रयास के दौरान लोकसभा और राज्यसभा, दोनों सदनों में दिए गए नोटिस खारिज कर दिए गए थे।
वहीं, दूसरे प्रयास से जुड़े नोटिस अभी राज्यसभा में लंबित हैं। ऐसे में मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाने के मुद्दे पर संसदीय स्तर पर आगे की कार्रवाई को लेकर निगाहें बनी हुई हैं।
नए प्रस्ताव पर टिकी निगाहें
ओम बिरला के बयान से यह स्पष्ट हुआ है कि किसी नए प्रस्ताव पर निर्णय निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार ही होगा। हालांकि, अभी यह देखना बाकी है कि विपक्ष नया प्रस्ताव लाता है या नहीं और यदि लाया जाता है, तो उस पर आगे क्या कार्रवाई होती है।
फिलहाल, एसआईआर को लेकर विपक्ष की आपत्तियां और मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाने की मांग इस मामले के प्रमुख पहलू बने हुए हैं। आगे का घटनाक्रम नए प्रस्ताव और उस पर संसद की प्रक्रिया पर निर्भर करेगा।
