लखनऊ, उत्तर प्रदेश। उत्तर प्रदेश में दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के दौरान पिछले 24 घंटों में कई जिलों में दुर्घटनाएं हुईं। इन हादसों में कुल 16 लोगों की मौत हो गई, जबकि 28 लोग घायल हुए हैं। डूबने, बिजली का करंट लगने और सड़क दुर्घटनाओं के कारण लोगों की जान गई। फतेहपुर में हुई घटना के बाद तीन लोगों के लापता होने की सूचना है।
नदी और तालाब में डूबने से गोंडा, फतेहपुर, प्रयागराज और बस्ती में कुल 10 लोगों की मौत हुई। गोंडा में प्रतिमा विसर्जन के दौरान सुमित, रामविलास और अभिषेक तिवारी डूब गए। पांच युवकों को बचाने के लिए नदी में कूदे किसान तुलाराम शुक्ल भी पानी में डूब गए। उनका शव बुधवार सुबह बरामद हुआ।
फतेहपुर के खांभा तालाब में विसर्जन के दौरान अभिमन्यु यादव, राजन साहू और आदित्य कुमार साहू की मौत हो गई। इसी घटना में तीन लोग लापता हैं। प्रयागराज में टोंस नदी में डूबने से राहुल पांडेय और उनके चाचा अमित कुमार पांडेय की मौत हो गई। बस्ती में मनोरमा नदी में स्नान करते समय एक युवक की जान चली गई।
गोरखपुर में करंट से तीन युवकों की मौत
गोरखपुर के रजही चौराहे पर दुर्गा प्रतिमा लेकर जा रही ट्रॉली का ढांचा बिजली के तार से छू गया। इससे 12 लोग करंट की चपेट में आ गए। हादसे में लकी, विक्की और चंदन की मौत हो गई, जबकि नौ लोग घायल हुए। घटना के बाद नाराज ग्रामीणों ने मेडिकल कॉलेज रोड जाम कर दिया।
प्रशासन ने मामले में लापरवाही के आरोप में दो सिपाहियों और एक अवर अभियंता को निलंबित कर दिया। वहीं, संबंधित लाइनमैन की सेवा समाप्त कर दी गई।
सड़क दुर्घटनाओं में भी गई जान
गोंडा-अयोध्या हाईवे पर ट्रैक्टर-ट्रॉला और ट्रक के बीच टक्कर में दो युवकों की मौत हो गई। अयोध्या में विसर्जन से लौट रहे रामधनी निषाद की ट्रैक्टर के पहिए के नीचे आने से जान चली गई। इस तरह सड़क दुर्घटनाओं में तीन लोगों की मौत हुई।
रायबरेली में हाईटेंशन बिजली लाइन की चपेट में आने से चार श्रद्धालु झुलस गए। उधर, भदोही के चौरी बाजार में विसर्जन जुलूस के दौरान पटाखों से भरे झोले में विस्फोट हो गया। इस घटना में 15 लोग घायल हो गए।
अलग-अलग जिलों में हुई इन दुर्घटनाओं के कारण विसर्जन के दौरान कई परिवारों को अपनों को खोना पड़ा। हादसों में घायल लोगों की संख्या 28 बताई गई है, जबकि तीन लोगों की तलाश जारी होने की सूचना है।
