मुंबई, महाराष्ट्र। भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित व्यापार समझौते को लेकर महत्वपूर्ण संकेत सामने आए हैं। भारत दौरे पर आए अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने मंगलवार को कहा कि दोनों देश ट्रेड डील को अंतिम रूप देने के काफी करीब हैं। उन्होंने भारत को अमेरिका का अहम आर्थिक और कारोबारी साझेदार बताते हुए दोनों देशों के बीच व्यापारिक संबंधों के महत्व पर जोर दिया।
विदेश मंत्री एस. जयशंकर के साथ बातचीत के बाद पत्रकारों से चर्चा करते हुए रुबियो ने भारत की वैश्विक स्थिति का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि भारत दुनिया का सबसे अधिक आबादी वाला देश है और दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र भी है। उनके अनुसार, भारत अमेरिका के लिए एक महत्वपूर्ण वाणिज्यिक और व्यावसायिक साझेदार है।
व्यापार समझौते पर क्या बोले अमेरिकी विदेश मंत्री?
भारत-अमेरिका ट्रेड डील के सवाल पर रुबियो ने कहा कि अमेरिकी विदेश विभाग सीधे तौर पर व्यापार समझौते की बातचीत नहीं करता, लेकिन इस प्रक्रिया से जुड़ा हुआ है। उन्होंने संकेत दिया कि दोनों देश समझौते के काफी करीब पहुंच चुके हैं।
उनके बयान से यह उम्मीद मजबूत हुई है कि भारत और अमेरिका के बीच व्यापारिक बातचीत सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ रही है। हालांकि, रुबियो ने समझौते पर हस्ताक्षर की कोई निश्चित तारीख नहीं बताई। न ही उन्होंने इसके अंतिम प्रावधानों या शर्तों के बारे में विस्तृत जानकारी साझा की।
दोनों देशों के लिए क्यों अहम है ट्रेड डील?
भारत और अमेरिका के बीच व्यापार समझौते को आर्थिक संबंधों के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। दोनों देशों के बीच व्यापारिक सहयोग बढ़ने से कारोबारी गतिविधियों को प्रोत्साहन देने और आर्थिक साझेदारी को मजबूत करने के अवसर मिल सकते हैं। हालांकि, समझौते से जुड़े वास्तविक लाभ उसकी अंतिम शर्तों और लागू होने की प्रक्रिया पर निर्भर करेंगे।
22 अक्टूबर तक भारत में रहेंगे रुबियो
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो 20 से 22 अक्टूबर तक भारत दौरे पर हैं। इस दौरान उन्होंने भारतीय विदेश मंत्री एस. जयशंकर के साथ बातचीत की। व्यापारिक मुद्दों के अलावा रुबियो ने ब्लैक सी में जहाजों पर हो रहे हमलों को लेकर भी चिंता व्यक्त की।
भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर रुबियो का बयान ऐसे समय में आया है, जब दोनों देशों के आर्थिक संबंधों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। अब समझौते की औपचारिक घोषणा और उसकी शर्तों का इंतजार है।
