नई दिल्ली: बाबर आजम ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 16,000 रन पूरे कर पाकिस्तान के इतिहास में अपना नाम दर्ज करवा लिया है। यह महत्वपूर्ण उपलब्धि उन्होंने श्रीलंका के खिलाफ रावलपिंडी क्रिकेट स्टेडियम में खेले गए ट्राई सीरीज के पहले मैच में हासिल की। बाबर ने इस मैच में 7 रन बनाते ही यह अहम मील का पत्थर पार किया।
तीन फॉर्मेट में 16 हजार रन का कमाल
सुर्खियों में आए बाबर आजम ने कुल 399 पारियों में यह रिकॉर्ड बनाया है, जो कि पाकिस्तान के लिए तीसरा सबसे तेज है। इस सूची में पहले स्थान पर मोहम्मद यूसुफ (388 पारियां) और दूसरे स्थान पर जावेद मियांदाद (398 पारियां) मौजूद हैं। इसके अलावा, इंजमाम-उल-हक और यूनिस खान ने भी तीनों फॉर्मेट मिलाकर 16,000 से अधिक रन बनाए हैं।
बाबर आजम ने अपने टेस्ट करियर में 66 मैचों की 122 पारियों में 4,771 रन बनाए हैं, जिनकी औसत 42.98 है। वनडे मैचों की बात करें तो उन्होंने 144 मैच खेलते हुए 6,671 रन जुटाए हैं। टी20 फॉर्मेट में भी उनका प्रदर्शन शानदार रहा है, जहाँ उन्होंने 145 मुकाबलों में 4,596 रन बनाए हैं।
ट्राई सीरीज में बाबर और टीम की प्रस्तुति
रावलपिंडी में खेले गए इस मुकाबले में पाकिस्तान ने टॉस गंवाने के बाद बल्लेबाजी की। 49.5 ओवरों में पूरी टीम 305 रन पर आउट हो गई। बाबर आजम ने 57 गेंदों पर 45 रन बनाए, जिसमें 6 चौके भी शामिल थे। सलमान आगा ने इस पारी के दौरान 107 रन बनाए, जो सबसे बड़ा स्कोर रहा। अन्य खिलाड़ियों में साद बेग ने 39 और हसन नवाज ने 37 रन जोड़े।
श्रीलंका के गेंदबाजों में ईशान मलिंगा ने सबसे ज्यादा चार विकेट लिए। इसके अलावा असिथा फर्नांडो ने तीन और दिलशान मदुशंका ने दो विकेट हासिल किए। बाबर आजम के प्रयासों और जुझारू बल्लेबाजी के बावजूद टीम को मैच में चुनौतीपूर्ण स्थिति का सामना करना पड़ा।
इस तरह बाबर आजम ने न सिर्फ पाकिस्तान के लिए एक बड़ा रिकॉर्ड बनाया बल्कि अपने करियर की एक और उपलब्धि भी जोड़ी। उनकी इस श्रेष्ठता ने उन्हें विश्व क्रिकेट में भी एक महत्वपूर्ण स्थान दिलाया है। ट्राई सीरीज के इस प्रारंभिक मैच में उनके प्रदर्शन को लेकर प्रशंसक और विशेषज्ञ दोनों ही खुश हैं।
बाबर की यह उपलब्धि पाकिस्तान क्रिकेट के लिए प्रेरणा स्रोत साबित होती है। महज 399 पारियों में 16 हजार रन पूरे करना उनके निरंतर और उत्कृष्ट प्रदर्शन का प्रमाण है। उनकी बल्लेबाजी क्षमता और मैच में योगदान उन्हें टीम का अहम हिस्सा बनाता है।
आगे का टूर्नामेंट कैसे चलता है, यह देखने लायक होगा लेकिन बाबर आजम की उपस्थिति खेल की गुणवत्ता बढ़ाती है। पाकिस्तान के लिए उनके जैसे बल्लेबाज की जिम्मेदारी बढ़ गई है क्योंकि वे टीम को अगली ऊंचाइयों तक ले जाने की कोशिश में जुटे हैं।
