नई दिल्ली: आईपीएल की फ्रेंचाइजी लखनऊ सुपर जायंट्स में एक नई बड़ी डील जल्द हो सकती है। रिपोर्ट्स के अनुसार, संजीव गोयनका के नेतृत्व में आरपीएसजी ग्रुप लखनऊ सुपर जायंट्स की 15 से 20 प्रतिशत हिस्सेदारी बेचने की तैयारी कर रहा है। इस डील के लिए कंपनी ने बैंकर नियुक्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
दील के लिए बैंकर की नियुक्ति
Sources की माने तो गोल्डमैन सैक्स को इस डील के लिए प्राथमिक बैंकर बनाने पर विचार हो रहा है, हालांकि अंतिम फैसला बाकी है। आरपीएसजी ग्रुप टीम की कुल वैल्यूएशन को 1.5 से 2 अरब डॉलर के बीच मान कर हिस्सेदारी बेचना चाहता है। इस पर 15-20 फीसदी हिस्सेदारी की कीमत लगभग 225 से 400 मिलियन डॉलर के बीच आ सकती है।
कंपनी ने नवंबर 2021 में लखनऊ सुपर जायंट्स को करीब 7,090 करोड़ रुपये (लगभग 800 मिलियन डॉलर) में हासिल किया था। इन वर्षों में टीम का रेट बढ़ा और अब वैल्यूएशन बढ़ने के कारण ग्रुप हिस्सेदारी बेचकर अच्छा मुनाफा कमाना चाहता है। लॉक-इन पीरियड खत्म होने के कारण यह समय डील के लिए उपयुक्त माना जा रहा है।
टीम का नियंत्रण और डील की स्थिति
यह डील पूरी टीम की बिक्री नहीं है, बल्कि केवल माइनॉरिटी स्टेक का लेनदेन होगा। इसका मतलब है कि लखनऊ सुपर जायंट्स पर मुख्य नियंत्रण संजीव गोयनका और आरपीएसजी ग्रुप के पास ही रहेगा। नए निवेशक केवल हिस्सेदार बनेंगे, और फैसले लेने के अधिकार मौजूदा मालिकों के पास रहेंगे।
इस साल आईपीएल में पहले दो बड़ी डील हो चुकी हैं। मार्च में रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर को आदित्य बिड़ला ग्रुप, टाइम्स ऑफ इंडिया ग्रुप, बोल्ट वेंचर्स और ब्लैकस्टोन के कंसोर्टियम ने करीब 1.78 अरब डॉलर (लगभग 16,660 करोड़ रुपये) में खरीदा। इसके बाद राजस्थान रॉयल्स को लक्ष्मी मित्तल परिवार और अदार पूनावाला के नेतृत्व वाले समूह ने 1.65 अरब डॉलर में खरिदा।
इन दोनों डीलों ने आईपीएल फ्रेंचाइजी की वैल्यूएशन को नई ऊंचाई प्रदान की है। ऐसे में लखनऊ सुपर जायंट्स की माइनॉरिटी स्टेक की बिक्री भी इसी कड़ी में अगला कदम मानी जा रही है।
फिलहाल, डील पर फाइनल फैसला वैल्यूएशन और सही खरीदार के मिलने पर निर्भर करेगा। प्रक्रिया जारी है और इस डील से आईपीएल की व्यावसायिक सफलता और मजबूत होगी।
संक्षेप में, आरपीएसजी ग्रुप के लिए यह निवेश से बाहर निकलने का एक सुनहरा मौका हो सकता है, जबकि नए निवेशकों के लिए आईपीएल की तेजी से बढ़ती मार्केट वैल्यू का फायदा उठाने का अवसर होगा। आईपीएल कैरियर और फ्रेंचाइजी मार्केट की यह प्रगति दर्शाती है कि भारतीय क्रिकेट में व्यवसायिक गतिविधियां किस तेजी से विस्तार पा रही हैं।
