बिश्केक, किर्गिजस्तान
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच सोमवार को किर्गिजस्तान की राजधानी बिश्केक में महत्वपूर्ण बैठक हुई। दोनों नेताओं के बीच रूस-यूक्रेन युद्ध, वैश्विक परिस्थितियों और भारत-रूस के रणनीतिक संबंधों को लेकर व्यापक चर्चा हुई। प्रधानमंत्री मोदी ने एक बार फिर संघर्ष के शांतिपूर्ण समाधान की जरूरत पर जोर दिया और कहा कि युद्ध को समाप्त करने के लिए बातचीत और कूटनीति का रास्ता अपनाना जरूरी है।
बैठक में प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत ने यूक्रेन संकट के दौरान रूस के साथ लगातार संवाद बनाए रखा है। भारत शांति स्थापित करने के सभी प्रयासों का समर्थन करता है और आगे भी करता रहेगा। नई दिल्ली लंबे समय से यह स्पष्ट करती रही है कि युद्ध के जरिए किसी समस्या का स्थायी समाधान नहीं निकाला जा सकता।
रूस-यूक्रेन युद्ध पर पीएम मोदी का पुराना रुख
यूक्रेन युद्ध को लेकर प्रधानमंत्री मोदी पहले भी राष्ट्रपति पुतिन के सामने भारत की स्थिति रख चुके हैं। सितंबर 2022 में उज्बेकिस्तान के समरकंद में आयोजित शंघाई सहयोग संगठन के शिखर सम्मेलन में दोनों नेताओं की मुलाकात हुई थी। उस दौरान पीएम मोदी ने पुतिन से कहा था कि यह युद्ध का काल नहीं है। प्रधानमंत्री के इस बयान की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर काफी चर्चा हुई थी।
अब लंबे समय से जारी रूस-यूक्रेन संघर्ष के बीच बिश्केक में पुतिन के साथ हुई बातचीत में भी शांति और संवाद का मुद्दा प्रमुख रहा। भारत का कहना है कि सभी पक्षों को बातचीत और कूटनीतिक माध्यमों से संघर्ष का समाधान तलाशना चाहिए।
भारत-रूस संबंधों पर भी हुई चर्चा
पीएम मोदी और पुतिन की बैठक केवल यूक्रेन संकट तक सीमित नहीं रही। दोनों नेताओं ने भारत और रूस के बीच लंबे समय से चले आ रहे रणनीतिक संबंधों को मजबूत करने के तरीकों पर भी चर्चा की। रक्षा, ऊर्जा, व्यापार और तकनीक जैसे क्षेत्रों में भारत और रूस के बीच महत्वपूर्ण सहयोग रहा है।
प्रधानमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि भारत और रूस के संबंध लंबे समय से मजबूत रहे हैं और मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों में दोनों देशों के बीच संवाद और सहयोग का महत्व और बढ़ जाता है।
पुतिन से पहले शी चिनफिंग से मुलाकात
पुतिन से मुलाकात से पहले प्रधानमंत्री मोदी ने चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग के साथ भी बातचीत की। दोनों नेताओं की बैठक ऐसे समय हुई जब रूस-यूक्रेन संघर्ष समेत कई अंतरराष्ट्रीय मुद्दे वैश्विक कूटनीति के केंद्र में हैं।
बिश्केक में पीएम मोदी और पुतिन की बैठक को भारत की संतुलित कूटनीतिक नीति के संदर्भ में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। भारत रूस के साथ अपने रणनीतिक संबंधों को बनाए रखते हुए युद्ध के शांतिपूर्ण समाधान और वैश्विक स्थिरता की आवश्यकता पर लगातार जोर देता रहा है।
