नई दिल्ली, दिल्ली।
केंद्रीय शिक्षक पात्रता परीक्षा (CTET) की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों के लिए पेपर 1 और पेपर 2 का सिलेबस तथा परीक्षा पैटर्न समझना बेहद जरूरी है। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) द्वारा आयोजित की जाने वाली इस परीक्षा के माध्यम से शिक्षक बनने की पात्रता का आकलन किया जाता है। परीक्षा तिथि और अन्य अपडेट के लिए उम्मीदवारों को आधिकारिक सूचना का इंतजार करना चाहिए, लेकिन तैयारी सिलेबस के अनुसार पहले से जारी रखनी चाहिए।
CTET में दो पेपर होते हैं। अभ्यर्थी अपनी शिक्षण योग्यता और जिस स्तर पर पढ़ाना चाहते हैं, उसके अनुसार पेपर 1 या पेपर 2 में शामिल हो सकते हैं। कुछ अभ्यर्थी दोनों स्तरों के लिए पात्रता प्राप्त करने के उद्देश्य से दोनों पेपर भी दे सकते हैं।
CTET पेपर 1 का सिलेबस और पैटर्न
पेपर 1 कक्षा 1 से 5 तक पढ़ाने के इच्छुक अभ्यर्थियों के लिए होता है। इसमें कुल 150 बहुविकल्पीय प्रश्न पूछे जाते हैं और परीक्षा 150 अंकों की होती है।
इस पेपर में पांच प्रमुख विषय शामिल होते हैं—
- बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र – 30 प्रश्न
- भाषा 1 – 30 प्रश्न
- भाषा 2 – 30 प्रश्न
- गणित – 30 प्रश्न
- पर्यावरण अध्ययन – 30 प्रश्न
उम्मीदवारों को इस स्तर के लिए बच्चों की सीखने की प्रक्रिया, शिक्षण पद्धतियों और प्राथमिक स्तर के विषयों की अवधारणाओं पर विशेष ध्यान देना चाहिए।
CTET पेपर 2 का सिलेबस और पैटर्न
पेपर 2 कक्षा 6 से 8 तक पढ़ाने के इच्छुक उम्मीदवारों के लिए होता है। इसमें भी कुल 150 प्रश्न और 150 अंक निर्धारित होते हैं।
बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र से 30 प्रश्न, भाषा 1 से 30 और भाषा 2 से 30 प्रश्न पूछे जाते हैं। शेष 60 प्रश्न गणित एवं विज्ञान या सामाजिक विज्ञान से होते हैं। उम्मीदवार अपने विषय और पात्रता के अनुसार संबंधित विकल्प का चयन करते हैं।
अंतिम समय में कैसे करें तैयारी
अभ्यर्थियों को सबसे पहले पूरे सिलेबस को छोटे-छोटे भागों में बांटना चाहिए। जिन विषयों में कमजोरी हो, उन्हें अधिक समय दें। रोजाना प्रश्नों का अभ्यास करें और नियमित मॉक टेस्ट देकर अपनी तैयारी का मूल्यांकन करें।
पिछले वर्षों के प्रश्नपत्रों से महत्वपूर्ण टॉपिक और प्रश्नों की प्रकृति समझने में सहायता मिल सकती है। परीक्षा से संबंधित किसी भी बदलाव, तिथि या नोटिस की पुष्टि केवल आधिकारिक वेबसाइट और CBSE की सूचना से करनी चाहिए।
