नई दिल्ली, दिल्ली। धूल, मिट्टी, प्रदूषण और बदलती जीवनशैली का असर हमारी त्वचा पर तेजी से दिखाई देता है। इसके साथ ही बाजार में उपलब्ध हर स्किनकेयर प्रोडक्ट हर व्यक्ति की त्वचा के लिए उपयुक्त नहीं होता। कई बार किसी फेसवॉश, क्रीम या क्लेंजर के इस्तेमाल से त्वचा में रूखापन, खुजली, लालिमा या जलन की समस्या हो सकती है।
ऐसी स्थिति में लोग घरेलू और पारंपरिक उपायों की ओर रुख करते हैं। रसोई में मौजूद कुछ सामान्य चीजों का इस्तेमाल लंबे समय से त्वचा की सफाई और देखभाल के लिए किया जाता रहा है। हालांकि घरेलू नुस्खों का इस्तेमाल करते समय भी सावधानी जरूरी है, क्योंकि प्राकृतिक सामग्री भी हर व्यक्ति की त्वचा पर एक जैसा असर नहीं करती।
बेसन, दही और शहद का क्लेंजर
इसके लिए एक चम्मच बेसन और एक चम्मच दही को अच्छी तरह मिलाकर पेस्ट तैयार करें। इसके बाद इसमें आधा चम्मच शहद मिलाएं। तैयार मिश्रण को चेहरे पर हल्के हाथ से लगाएं। कुछ मिनट बाद सादे पानी से चेहरा धो लें। मिश्रण को त्वचा पर जोर से रगड़ने से बचना चाहिए।
कॉफी और शहद का मिश्रण
एक चम्मच कॉफी पाउडर और एक चम्मच शहद को मिलाकर गाढ़ा पेस्ट तैयार किया जा सकता है। इसे चेहरे पर हल्के हाथ से लगाया जा सकता है। कॉफी के कणों को ज्यादा दबाव के साथ रगड़ने से त्वचा में जलन हो सकती है। इसलिए संवेदनशील त्वचा या सक्रिय मुंहासों की समस्या होने पर इसका उपयोग सावधानी से करना चाहिए।
दूध से चेहरे की सफाई
एक छोटी कटोरी में थोड़ा दूध लें और कॉटन की मदद से चेहरे पर हल्के हाथ से लगाएं। इसके बाद सादे पानी से चेहरा धो लें। अगर दूध के इस्तेमाल से खुजली या जलन महसूस हो तो तुरंत चेहरा साफ कर देना चाहिए।
टमाटर और गुलाब जल
पहले गुलाब जल की मदद से चेहरा हल्के हाथ से साफ करें। इसके बाद आधे कटे टमाटर को चेहरे पर धीरे-धीरे लगाएं। कुछ मिनट बाद चेहरे को पानी से धो लें। टमाटर में मौजूद प्राकृतिक अम्ल कुछ लोगों की संवेदनशील त्वचा में जलन पैदा कर सकते हैं।
सावधानी जरूरी
त्वचा विशेषज्ञों के अनुसार, किसी भी नए घरेलू उपाय को सीधे पूरे चेहरे पर लगाने के बजाय पहले पैच टेस्ट करना चाहिए। अगर त्वचा पर लालिमा, खुजली, सूजन या जलन दिखाई दे तो उस मिश्रण का इस्तेमाल बंद कर देना चाहिए। लगातार त्वचा संबंधी समस्या होने पर घरेलू नुस्खों पर निर्भर रहने के बजाय त्वचा विशेषज्ञ से सलाह लेना बेहतर है।
इस तरह घरेलू सामग्री से चेहरे की हल्की सफाई की जा सकती है, लेकिन त्वचा के प्रकार और उसकी संवेदनशीलता को ध्यान में रखना सबसे जरूरी है।
