काठमांडू, बागमती प्रदेश, नेपाल
नेपाल में प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह की सरकार ने मौजूदा वित्त वर्ष के लिए मंत्रालयों के कामकाज को लक्ष्य आधारित बनाने की दिशा में बड़ा प्रशासनिक कदम उठाया है। प्रधानमंत्री शाह ने बुधवार को काठमांडू के सिंह दरबार में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान कैबिनेट मंत्रियों के साथ परफॉर्मेंस एग्रीमेंट पर हस्ताक्षर किए। समझौतों में विभिन्न मंत्रालयों के प्रमुख कार्यों और अपेक्षित लक्ष्यों को निर्धारित किया गया है।
प्रधानमंत्री सचिवालय की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, इन समझौतों का फोकस सुशासन, सामाजिक न्याय और समृद्धि पर है। सरकार चाहती है कि मंत्रालयों के लिए पहले से तय प्राथमिकताओं के आधार पर काम हो और सरकारी योजनाओं के परिणामों को भी मापा जा सके।
इस अवसर पर वित्त मंत्री डॉ. स्वर्णिम वागले, विदेश मंत्री शिशिर खनाल, गृह मंत्री सुधन गुरुंग और कानून, न्याय एवं संसदीय मामलों की मंत्री सोबिता गौतम समेत मंत्रियों ने समझौतों पर हस्ताक्षर किए। प्रधानमंत्री शाह ने मार्च 2026 में पद संभाला था और उनके मंत्रिमंडल में इन नेताओं को महत्वपूर्ण विभागों की जिम्मेदारी दी गई है।
समझौते पर हस्ताक्षर के बाद मंत्रियों ने दस्तावेजों की प्रतियां एक-दूसरे को सौंपीं। सरकार के लिए यह प्रक्रिया केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि मंत्रालयों की जवाबदेही तय करने के प्रयास के तौर पर देखी जा रही है। परफॉर्मेंस एग्रीमेंट का उद्देश्य यह स्पष्ट करना है कि प्रत्येक मंत्रालय को वित्त वर्ष के दौरान किन प्राथमिकताओं पर काम करना है और किन लक्ष्यों को पूरा करना है।
कार्यक्रम में प्रशासनिक स्तर की जवाबदेही पर भी जोर दिया गया। मुख्य सचिव गोविंद बहादुर कार्की ने प्रधानमंत्री शाह के साथ अलग परफॉर्मेंस एग्रीमेंट पर हस्ताक्षर किए। इससे सरकार के राजनीतिक और प्रशासनिक दोनों स्तरों को निर्धारित प्रदर्शन लक्ष्यों से जोड़ने की कोशिश स्पष्ट होती है।
नेपाल में शाह सरकार गठन के बाद से प्रशासन में तेज बदलाव और कार्यकुशलता बढ़ाने की बात कर रही है। हालांकि, सरकार की कार्यशैली को लेकर राजनीतिक और संस्थागत स्तर पर बहस भी चलती रही है।
ऐसे में नए समझौते सरकार के लिए महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं, क्योंकि अब मंत्रियों के कामकाज को निर्धारित प्राथमिकताओं और लक्ष्यों के आधार पर देखा जा सकेगा। आने वाले समय में इन समझौतों में तय बिंदुओं पर अमल और उनके परिणाम सरकार की कार्यक्षमता का अहम पैमाना बन सकते हैं।
