‘सदैव अटल’ पहुंचकर पीएम मोदी ने अटल बिहारी वाजपेयी को दी श्रद्धांजलि, देश ने याद किया पूर्व प्रधानमंत्री का योगदान

नई दिल्ली, दिल्ली

पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की पुण्यतिथि पर शुक्रवार को देशभर में उन्हें श्रद्धांजलि दी गई। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने नई दिल्ली में यमुना नदी के किनारे स्थित वाजपेयी के स्मारक ‘सदैव अटल’ पहुंचकर पूर्व प्रधानमंत्री को नमन किया। भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन, रक्षामंत्री राजनाथ सिंह समेत कई नेताओं ने भी स्मारक पर पहुंचकर श्रद्धांजलि अर्पित की।

इस अवसर पर नेताओं ने अटल बिहारी वाजपेयी के लंबे राजनीतिक जीवन और राष्ट्र निर्माण में उनके योगदान को याद किया। वाजपेयी भारतीय राजनीति के ऐसे व्यक्तित्व थे, जिन्होंने विपक्ष में रहते हुए भी लोकतांत्रिक संवाद और संसदीय परंपराओं में अपनी अलग पहचान बनाई।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने राजस्थान के चित्तौड़गढ़ जिले में अटल बिहारी वाजपेयी की प्रतिमा का अनावरण किया। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री को याद करते हुए कहा कि अटल जी ने अपने जीवन का एक-एक क्षण देशसेवा में समर्पित कर दिया।

भाजपा के पहले प्रधानमंत्री

अटल बिहारी वाजपेयी भारतीय जनता पार्टी से प्रधानमंत्री बनने वाले पहले नेता थे। उन्होंने तीन बार प्रधानमंत्री पद संभाला और राष्ट्रीय राजनीति में भाजपा को महत्वपूर्ण स्थान दिलाने में बड़ी भूमिका निभाई।

वाजपेयी का राजनीतिक सफर स्वतंत्रता आंदोलन के दौर के बाद शुरू हुआ और उन्होंने पत्रकारिता, संगठन तथा संसदीय राजनीति में लंबे समय तक काम किया। वे कई बार लोकसभा और राज्यसभा के सदस्य रहे।

प्रधानमंत्री के रूप में उनके कार्यकाल में देश ने आर्थिक, रणनीतिक और बुनियादी ढांचे से जुड़े कई महत्वपूर्ण फैसले देखे। उनकी सरकार के समय राष्ट्रीय राजमार्गों और संपर्क व्यवस्था को मजबूत करने पर विशेष जोर दिया गया।

कवि और प्रभावशाली वक्ता भी थे

अटल बिहारी वाजपेयी केवल राजनेता नहीं थे। वे एक प्रसिद्ध कवि और प्रभावशाली वक्ता भी रहे। उनके भाषणों में सरल भाषा के साथ गंभीर राजनीतिक और सामाजिक विचार दिखाई देते थे।

उनकी लोकप्रियता का एक कारण यह भी था कि वे राजनीतिक मतभेदों के बावजूद संवाद बनाए रखने में विश्वास रखते थे। संसद में उनके भाषणों को आज भी भारतीय लोकतांत्रिक परंपरा के संदर्भ में याद किया जाता है।

अटल बिहारी वाजपेयी का जन्म 25 दिसंबर 1924 को ग्वालियर में हुआ था। 16 अगस्त 2018 को नई दिल्ली में उनका निधन हुआ। उनके निधन के बाद से हर वर्ष उनकी पुण्यतिथि पर देशभर में श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।

इस वर्ष भी ‘सदैव अटल’ पर प्रधानमंत्री मोदी समेत कई वरिष्ठ नेताओं ने उन्हें श्रद्धांजलि दी। विभिन्न राज्यों में भी उनकी प्रतिमाओं और स्मारकों पर कार्यक्रम आयोजित किए गए।

अटल बिहारी वाजपेयी की पुण्यतिथि पर नेताओं ने उनके राष्ट्र के प्रति समर्पण, लोकतांत्रिक मूल्यों और सार्वजनिक जीवन में उनके योगदान को याद किया।

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