गॉल, श्रीलंका
भारत और श्रीलंका के बीच दो मैचों की टेस्ट सीरीज का पहला मुकाबला 15 अगस्त से गॉल इंटरनेशनल स्टेडियम में खेला जाएगा। लंबे अंतराल के बाद भारतीय टीम श्रीलंका में टेस्ट क्रिकेट खेलने उतर रही है। भारत का पिछला टेस्ट दौरा 2017 में हुआ था, जब विराट कोहली की कप्तानी वाली टीम ने श्रीलंका को 3-0 से हराया था।
इस बार भारतीय टीम की कप्तानी शुभमन गिल कर रहे हैं। यह सीरीज भारत के विश्व टेस्ट चैंपियनशिप अभियान के लिए महत्वपूर्ण है। भारत को WTC फाइनल की दौड़ में बने रहने के लिए इस दौरे पर बेहतर प्रदर्शन करना होगा।
हेड टू हेड में भारत का दबदबा
भारत और श्रीलंका के बीच अब तक 46 टेस्ट मुकाबले खेले गए हैं। इनमें भारत ने 22 मैच जीते हैं, जबकि श्रीलंका सिर्फ 7 मुकाबले जीत पाया है। दोनों टीमों के बीच 17 टेस्ट ड्रॉ रहे हैं।
श्रीलंका में खेले गए मैचों का रिकॉर्ड भी भारत के पक्ष में है। दोनों टीमों के बीच श्रीलंका की धरती पर 24 टेस्ट हुए हैं। भारत ने 9 मैच जीते, श्रीलंका ने 7 और 8 मुकाबले ड्रॉ रहे।
हाल के वर्षों में भारत ने श्रीलंका पर अपना दबदबा और मजबूत किया है। 2015 में श्रीलंका ने गॉल में भारत को हराया था, लेकिन इसके बाद 2017 में भारत ने पूरे दौरे में शानदार प्रदर्शन करते हुए टेस्ट सीरीज 3-0 से जीती।
गॉल में क्यों डराता है रिकॉर्ड?
भारत के लिए सबसे बड़ी चिंता गॉल का रिकॉर्ड है। इस मैदान पर दोनों टीमों के बीच 5 टेस्ट मुकाबले खेले गए हैं। श्रीलंका ने इनमें 3 मैच जीते हैं, जबकि भारत को 2 मुकाबलों में जीत मिली है।
भारत ने गॉल में अपना पिछला टेस्ट 2017 में खेला था और 304 रन की बड़ी जीत हासिल की थी। इससे पहले 2015 में श्रीलंका ने भारत को 63 रन से हराया था। उस मैच में भारतीय टीम मजबूत स्थिति के बावजूद दूसरी पारी में लड़खड़ा गई थी।
पिच और स्पिन पर रहेगी नजर
गॉल में स्पिन गेंदबाजों को आमतौर पर मदद मिलती है। इसलिए टेस्ट आगे बढ़ने के साथ स्पिन का प्रभाव बढ़ने की उम्मीद रहती है। इस बार भी भारतीय बल्लेबाजों की परीक्षा श्रीलंकाई स्पिनरों के सामने होगी।
वहीं भारतीय टीम के स्पिन विभाग पर भी बड़ी जिम्मेदारी होगी। परिस्थितियों को देखते हुए टीम प्रबंधन अतिरिक्त स्पिन विकल्प के साथ उतरने पर विचार कर सकता है।
कुल मिलाकर भारत का रिकॉर्ड उसे स्पष्ट बढ़त देता है, लेकिन गॉल की परिस्थितियां श्रीलंका को मुकाबले में मजबूत बनाती हैं। यही कारण है कि पहले टेस्ट में आंकड़ों और परिस्थितियों के बीच दिलचस्प मुकाबला देखने को मिल सकता है।
