नई दिल्ली, दिल्ली
देश में चीनी की उपलब्धता और कीमतों को लेकर चिंता लगातार बढ़ रही है। हाल के दिनों में चीनी की कीमतों में तेजी देखने को मिली है। इसी बीच नेशनल फेडरेशन ऑफ कोऑपरेटिव शुगर फैक्ट्रीज (NFCSF) के मैनेजिंग डायरेक्टर प्रकाश नाइकनावारे ने सरकार से चीनी के मौजूदा स्टॉक की वास्तविक स्थिति सार्वजनिक करने की मांग की है।
प्रकाश नाइकनावारे के मुताबिक, मौजूदा चीनी सीजन के अंत यानी 30 सितंबर तक देश में करीब 35 लाख टन चीनी का स्टॉक रह जाने की आशंका है। उनका कहना है कि इतनी मात्रा नए सीजन के शुरुआती दो महीनों यानी अक्टूबर और नवंबर की घरेलू मांग को पूरा करने के लिए पर्याप्त नहीं होगी।
सरकार से 15 दिन के भौतिक सत्यापन की मांग
NFCSF के एमडी ने सरकार से चीनी के उपलब्ध स्टॉक का भौतिक सत्यापन कराने की मांग की है। इसके लिए करीब 15 दिन का समय रखा जाना चाहिए और सत्यापन के बाद वास्तविक स्टॉक का आंकड़ा सार्वजनिक किया जाना चाहिए।
उनका मानना है कि मौजूदा स्थिति में सबसे जरूरी बात यह है कि बाजार के सामने चीनी के वास्तविक स्टॉक की स्पष्ट तस्वीर हो। आधिकारिक आंकड़ा सामने आने से स्टॉक को लेकर चल रही अटकलों और अनिश्चितता को कम करने में मदद मिल सकती है।
ओवरसेलिंग की आशंका से बढ़ा दबाव
चीनी के स्टॉक को लेकर चिंता ऐसे समय बढ़ी है जब बाजार में इसकी कीमतों में तेजी आई है। कम उपलब्धता की आशंका और ओवरसेलिंग को लेकर चर्चा ने बाजार में दबाव बढ़ाया है।
यदि सीजन के अंत में स्टॉक 35 लाख टन के आसपास रह जाता है, तो नए सीजन की शुरुआत तक बाजार को पर्याप्त आपूर्ति बनाए रखना चुनौतीपूर्ण हो सकता है। अक्टूबर और नवंबर में घरेलू खपत को पूरा करने के लिए उपलब्ध स्टॉक महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
सरकार उठा चुकी है कई कदम
घरेलू उपभोक्ताओं की जरूरत पूरी करने और बाजार में चीनी की उपलब्धता बनाए रखने के लिए सरकार की ओर से कई कदम उठाए गए हैं। हालांकि, NFCSF का कहना है कि इन फैसलों के साथ वास्तविक स्टॉक की जानकारी भी सार्वजनिक होना जरूरी है।
चीनी उद्योग के लिए सितंबर के अंत का स्टॉक इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि इसके आधार पर नए सीजन के शुरुआती महीनों में आपूर्ति की स्थिति का अनुमान लगाया जा सकता है।
अब नजर इस बात पर है कि सरकार चीनी के वास्तविक स्टॉक के भौतिक सत्यापन और आंकड़ों को सार्वजनिक करने की मांग पर क्या कदम उठाती है। आधिकारिक आंकड़ा सामने आने के बाद ही अक्टूबर-नवंबर की आपूर्ति को लेकर तस्वीर और साफ हो सकेगी।
