हिरोशिमा ने 81वीं परमाणु बम बरसी पर मेयर ने परमाणु हथियारों की खोज की निंदा की

हिरोशिमा, जापान – 6 अगस्त 2024 को हिरोशिमा ने अपनी 81वीं परमाणु बम बरसी मनाई, जो द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान यहां फेंके गए परमाणु बम की त्रासदी को याद करती है। इस अवसर पर, हिरोशिमा के मेयर ने परमाणु हथियारों की खोज और विस्तार की कड़ी निंदा की, साथ ही यह आग्रह किया कि विश्व को ऐसी तकनीक से मुक्त किया जाना चाहिए जो मानवता के लिए विनाशकारी हो।

इस वर्ष पहली बार जापान की प्रधानमंत्री साने ताका Ichी ने इस स्मारक कार्यक्रम में भाग लिया। उन्होंने कहा कि वह ऐसे विश्व के लिए “वास्तविक दृष्टिकोण” अपनाएंगी जहाँ परमाणु हथियार कभी उपयोग में नहीं लाए जाएं। यह पहल संयुक्त राष्ट्र के परमाणु हथियारों के प्रसार को रोकने वाले संधि के ढांचे के तहत की जाएगी।

प्रधानमंत्री ताका Ichी ने अपने भाषण में कहा कि हिंसा और विनाश के इस रूप की घोर निंदा आवश्यक है, साथ ही विश्व समुदाय को मिलकर ऐसे हथियारों के नियंत्रण और उन्मूलन के लिए मेहनत करनी चाहिए। उन्होंने यह भी बताया कि जापान, जो स्वयं पूरी तरह से परमाणु बम के विनाश को झेल चुका है, ऐसे हथियारों के उपयोग से मानवता के भविष्य को खतरे में डालने वाले कदमों के खिलाफ निर्णायक भूमिका निभाएगा।

मेयर हिरोशिमा ने कहा, “हम लोगों की यादों को संरक्षित रखते हुए, यह आवश्यक है कि भविष्य में एक भी बच्चे को ऐसी त्रासदी का सामना न करना पड़े। हमें परमाणु हथियारों को दुनिया से हटाने के लिए पूरी खासी मेहनत करनी होगी।”

इस समारोह में अनेक देश के राजनयिक, नागरिक और अभिजात्य शामिल हुए जिन्होंने शांति और संघर्ष मुक्त दुनिया के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की। साथ ही यहां विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों और शांति मार्चों का आयोजन भी किया गया, जो परमाणु हथियारों के विनाशकारी प्रभावों पर प्रकाश डालते हैं।

जैसे-जैसे विश्व में वैश्विक तनाव बढ़ रहे हैं, हिरोशिमा की यह वार्षिक याददाश्त सभी को यह याद दिलाती है कि परमाणु हथियार केवल विनाश ही नहीं, बल्कि मानवता के लिए एक गंभीर संकट हैं। इस वर्ष का संदेश स्पष्ट था: पोषण करें शांति और नष्ट करें हथियार।

विशेषज्ञों का मानना है कि प्रधानमंत्री साने ताका Ichी का “वास्तविक दृष्टिकोण” एक संतुलित और व्यावहारिक नीति हो सकती है, जो परमाणु निरस्तीकरण को पूरी दुनिया में वास्तविक रूप से आगे बढ़ाएगी। यह देखना दिलचस्प होगा कि अगली बार कौन से कदम जापान और वैश्विक समुदाय मिलकर उठाते हैं।

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