पंजाब: आम आदमी पार्टी ने केंद्र पर ग्रामीण विकास निधि रोकने का आरोप लगाया

चंडीगढ़। पंजाब आम आदमी पार्टी (आप) के विधायक कुलदीप धालीवाल ने शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की राज्य यात्रा को पूरी तरह विफल करार दिया। उन्होंने कहा कि यह यात्रा न केवल पंजाब के लिए निराशाजनक रही, बल्कि प्रधानमंत्री के बयान खोखले और जनता को गुमराह करने वाले थे।

धालीवाल ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर कठोर आरोप लगाए और कहा कि जो लोग राम मंदिर जैसे पवित्र स्थान के नाम पर जनता से चंदा चुरा सकते हैं, वे राष्ट्र के प्रति कभी भी ईमानदार नहीं हो सकते। उन्होंने अमृतसर में मीडिया से बात करते हुए कहा कि भाजपा ने राम मंदिर निर्माण के नाम पर देशभर के लोगों की आस्था का गलत फायदा उठाकर खुलेआम चंदा इकट्ठा किया।

विधायक ने यह भी कहा कि केंद्र सरकार ने पंजाब की ग्रामीण विकास निधि (आरडीएफ) समेत कई अन्य जरूरी फंडों को रोक रखा है, जिससे राज्य के विकास कार्य बाधित हो रहे हैं। उन्होंने बताया कि पंजाब सरकार जब भी विकास के लिए ऋण लेती है तो केंद्र सरकार उन पर कुप्रबंधन के आरोप लगाती है, जबकि सच यह है कि केंद्र ही पंजाब के वैध धन को रोक कर विकास में बाधा डाल रहा है।

धालीवाल ने जोर दिया कि राज्य सरकार द्वारा लिए गए हर एक ऋण का उपयोग उद्योगपतियों को लाभ पहुंचाने के लिए नहीं किया जा रहा, बल्कि अस्पतालों, स्कूलों, कॉलेजों, सड़कों, स्वास्थ्य सुविधाओं, गरीबों की पेंशन और जन कल्याण योजनाओं में हो रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पंजाब का धन केवल पंजाब की जनता के कल्याण पर ही खर्च किया जा रहा है।

इसके अलावा उन्होंने पेट्रोल में 20 प्रतिशत इथेनॉल मिलाने की नीति को भी आम जनता की जेब पर एक नया बोझ बताया। उन्होंने सवाल उठाया कि किस कानून के तहत यह व्यवस्था लागू की गई है और यह जनता के लिए कितना लाभदायक है। उन्होंने कहा कि दावा था कि इथेनॉल मिलाने से ईंधन की कीमत घटेगी लेकिन वास्तव में कीमतें और बढ़ गईं, जिससे आम आदमी पर वित्तीय दबाव बढ़ा है। उन्होंने यह भी कहा कि इस नीति से कुछ चुनिंदा कंपनियों को फायदा हो रहा है जबकि आम जनता ही इसके दुष्परिणाम भुगत रही है।

धालीवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री को भाषण देने के बजाय स्पष्ट करना चाहिए कि किस कानून के तहत यह व्यवस्था लागू की गई है और इससे जनता को क्या लाभ हुआ है।

नशीली दवाओं के बढ़ते प्रकोप पर उन्होंने भाजपा को जिम्मेदार ठहराया और कहा कि भाजपा-शिरोमणि अकाली दल गठबंधन सरकार के दौरान पंजाब में नशे का दानव बढ़ा। उन्होंने कहा कि इस गंभीर समस्या को हल करने के लिए केंद्र और राज्य सरकारों को मिलकर प्रभावी कदम उठाने की जरूरत है।

कुल मिलाकर, कुलदीप धालीवाल ने केंद्र सरकार की नीतियों की कड़ी आलोचना की और पंजाब के विकास में सूचनात्मक और पारदर्शी भूमिका निभाने की मांग की। उन्होंने कहा कि पंजाब की जनता को उनके अधिकार और विकास के लिए केंद्र सरकार द्वारा रोके गए फंड वापस मिलना चाहिए ताकि राज्य सुशासन की ओर बढ़ सके।

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