हासन, कर्नाटक। एस. जानकी, जिन्हें भारतीय सिने संगीत की एक अमर आवाज कहा जाता है, को हाल ही में हासन के एक छोटे होटल के मालिक, एच. एस. रवि द्वारा एक विशेष पुस्तक के माध्यम से सम्मानित किया गया। रवि ने ‘कन्नड़ंपलिनी गाना कोगिले डॉ. एस. जानकी’ नामक पुस्तक लिखी है, जिसमें जानकी जी के फिल्म संगीत में महत्वपूर्ण योगदान को विस्तार से दर्शाया गया है।
एच. एस. रवि, जो कि छोटे स्तर पर होटल व्यवसाय चलाते हैं, उनके लिए यह काम एक जुनून से कम नहीं था। उन्होंने वर्षों की मेहनत के बाद जानकी जी के जीवन और संगीत यात्रा पर शोध किया और अपनी इस शोध को एक व्यवस्थित पुस्तक के रूप में प्रस्तुत किया। रवि के अनुसार, एस. जानकी ने दक्षिण भारतीय फिल्मों को वह आवाज दी, जिसने संगीत प्रेमी जनता के दिलों को छू लिया है।
पुस्तक में जानकी जी के बचपन से लेकर उनके करियर की विभिन्न पड़ावों का वर्णन किया गया है। इसमें उनके द्वारा गाए गए प्रसिद्ध गीतों, उनके संगीत कलाकारों से जुड़ाव और उनके द्वारा फिल्मों में निवेश किए गए भावनाओं की झलक है। इसके साथ ही, कर्नाटक के सांस्कृतिक और संगीत इतिहास में जानकी जी की भूमिका को भी विस्तार से बताया गया है।
एच. एस. रवि ने बताया, “मेरा मकसद एस. जानकी के महान योगदान को यादगार बनाना है ताकि आने वाली पीढ़ियां उनके संगीत और प्रेरणा से लाभान्वित हो सकें।” उन्होंने कहा कि इस पुस्तक को लिखना उनके लिए एक भावनात्मक यात्रा थी, जिसके दौरान उन्होंने संगीत की सुंदरता और जानकी जी की प्रतिबद्धता को और अच्छे से समझा।
एस. जानकी की प्रशंसा में कहा जाता है कि उन्होंने कन्नड़ सिनेमा के गीतों में एक नया आयाम जोड़ा, जो आज भी संगीत प्रेमियों के दिलों में जीवित है। एच. एस. रवि की यह पुस्तक इस धरोहर को संरक्षित करने का एक महत्वपूर्ण प्रयास है। पुस्तक विमोचन समारोह में स्थानीय कलाकारों और संगीत प्रेमियों की अच्छी खासी भागीदारी रही।
यह पहल एस. जानकी के संगीत के प्रति सम्मान दर्शाने के साथ-साथ कर्नाटक की सांस्कृतिक विरासत को भी समृद्ध करती है। इस तरह के प्रयास संगीत की दुनिया में नए आयाम प्रस्तुत करते हैं और कलाकारों के योगदान को बेहतर पहचान दिलाते हैं।
एस. जानकी के अनुयायियों और संगीत प्रशंसकों के लिए यह पुस्तक एक कीमती संग्रह सिद्ध होगी, जो उनकी प्रेरणा स्रोत बनी रहेगी। एच. एस. रवि की मेहनत इस क्षेत्र में स्थायी योगदान के रूप में याद रखी जाएगी।
