नई दिल्ली, भारत – जिला निर्वाचन अधिकारी ने स्पष्ट किया है कि नामांकन प्रक्रिया में जमा किए जाने वाले फोटोग्राफ तभी स्वीकार्य होंगे जब उम्मीदवार का चेहरा पूरी तरह से स्पष्ट और पहचानने योग्य हो। इस बात की घोषणा तब की गई जब कुछ उम्मीदवारों ने हिजाब या अन्य धार्मिक आस्तीनाएं पहनकर फोटो जमा करने की बात उठाई।
जिला निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता बनाए रखने के लिए सभी फोटो मानक नियमों के अनुसार होने आवश्यक हैं। चाहे कोई उम्मीदवार हिजाबी हो या न हो, मुख्य बात यह है कि तस्वीर में उम्मीदवार का चेहरा पूरी तरह दिखाई दे ताकि पहचान में कोई कठिनाई न हो।
उन्होंने आगे कहा, “हम धार्मिक आस्थाओं का सम्मान करते हैं, और किसी भी प्रकार की असहमति नहीं है, लेकिन उम्मीदवारों की फोटो में चेहरे की स्पष्टता अभिन्न और अनिवार्य है। इससे चुनाव प्रक्रिया में निपुणता और गंभीरता बनी रहती है।”
मतदाता पहचान और उम्मीदवार की सही पहचान सुनिश्चित करने के उद्देश्य से यह नियम लागू किया गया है। यदि फोटो अस्पष्ट या आंशिक रूप से ढकी हुई होगी, तो नामांकन फॉर्म को अस्वीकार किया जा सकता है।
इस फैसले के बाद, कई उम्मीदवारों और राजनीतिक दलों ने इसे चुनाव प्रक्रिया में आवश्यक सुधार के रूप में सराहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए ऐसे नियम अनिवार्य हैं।
जिला अधिकारी ने जनता से अपील की है कि वे नामांकन के दौरान आवश्यक दस्तावेजों और फोटोग्राफ की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दें ताकि किसी भी प्रकार की तकनीकी या औपचारिक समस्या के कारण उनका नामांकन न टाले।
यह निर्णय शिक्षाप्रद है और यह सुनिश्चित करता है कि चुनाव प्रक्रिया निष्पक्ष, पारदर्शी और सम्मानजनक बनी रहे, साथ ही सभी उम्मीदवारों के धार्मिक आस्थाओं का सम्मान भी किया जाए।
