एनआरआई की हर समस्या का समाधान करेगी सरकार, भगवंत मान फिर बनेंगे सीएम: रवजोत सिंह

चंडीगढ़, पंजाब। पंजाब के एनआरआई मामलों के मंत्री डॉ. रवजोत सिंह ने हाल ही में प्रवासी भारतीयों की समस्याओं के समाधान के लिए एक महत्वपूर्ण ऑनलाइन बैठक आयोजित की। इस बैठक में सरकार द्वारा प्रवासी पंजाबियों की चिंताओं और उनके मतदान के संबंध में उठाए गए कदमों पर चर्चा हुई। मंत्री ने बताया कि सरकार नियमित रूप से ऑनलाइन और ऑफलाइन माध्यम से बैठकें करके एनआरआई समुदाय से जुड़ी हर समस्या का समाधान तलाश रही है। सरकार का उद्देश्य है कि विदेश में रहने वाले प्रवासियों के लिए चुनावी प्रक्रियाएं और अन्य प्रशासनिक कार्य सहज और पारदर्शी बनाएं जाएं।

चंडीगढ़ में संपन्न इस बैठक में विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, एडीसी, सचिव, विशेष सचिव समेत अन्य प्रशासनिक पदाधिकारी मौजूद थे। इस बैठक का जवाबदेही ढंग से संचालन हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में विदेशों में रह रहे पंजाबी जुड़े। प्रवासी भारतीयों ने इस दौरान कई अहम मुद्दे उठाए, जिनमें संपत्ति पर कब्जा, वैवाहिक विवाद और विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) से संबंधित सवाल शामिल थे। विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर अनेक एनआरआई के मन में शंका बनी हुई है, जिन्हें दूर करने के लिए जल्द ही पंजाब के मुख्य निर्वाचन अधिकारी के साथ एक और बैठक आयोजित की जाएगी।

डॉ. रवजोत सिंह ने कहा कि कई प्रवासी इस बात को लेकर चिंतित हैं कि उनके मतदाता सूची से नाम हटाए जा सकते हैं क्योंकि वे विदेश में निवासरत हैं और पंजाब में उनके रिश्तेदार भी मौजूद नहीं हैं। सरकार इस स्थिति का समाधान तलाश रही है ताकि ऐसे सभी लोगों के लिए मतदाता सूची में बने रहने की प्रक्रिया सरल और सुरक्षित हो सके। इसके अलावा यदि चुनाव आयोग अनुमति देगा तो एनआरआई समुदाय के साथ इस विषय पर एक विशेष वर्चुअल बैठक भी आयोजित की जाएगी, जिससे सभी मतदाता सूची और मतदान से जुड़ी भ्रांतियां दूर हो सकें।

मंत्री ने बताया कि पंजाब सरकार हर माह एक ऑनलाइन और एक ऑफलाइन बैठक करके प्रवासी समुदाय की समस्याओं का निपटारा करती है। अगली ऑफलाइन बैठक 22 जुलाई को लुधियाना में आयोजित होगी, जिसमें लुधियाना के साथ-साथ संगरूर, बरनाला और मलेरकोटला जिलों से जुड़े एनआरआई भी अपनी समस्याएं रखेंगे। इसके लिए सरकार ने व्हाट्सएप नंबर और आधिकारिक ई-मेल आईडी भी जारी की है, जिससे लोग अपनी शिकायतें सीधे विभाग तक पहुंचा सकें। पंजाब सरकार की यह पहल प्रवासियों के प्रति उसकी प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

राजनीतिक परिदृश्य के संदर्भ में, रवजोत सिंह ने कहा कि पंजाब कांग्रेस के अंदर कुछ आंतरिक मतभेद हैं, लेकिन प्रदेशवासियों का मुख्यमंत्री भगवंत मान के प्रति विश्वास अडिग है। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश के हर क्षेत्र एवं वर्ग का जनता भगवंत मान के नेतृत्व में बदलाव जारी रहने की इच्छा रखती है। आगामी चुनावों में आम आदमी पार्टी सत्ता में पुनः आएगी, इस विश्वास को उन्होंने दोहराया।

राम मंदिर चढ़ावा विवाद पर मंत्री ने भाजपा को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि यदि किसी तरह की अनियमितता हुई है तो उसकी स्वतंत्र जांच होनी चाहिए, दोषियों को कानून के तहत सजा मिलनी चाहिए। जनता पूरे मामले को बारीकी से देख रही है और अंतिम न्याय न्यायालय द्वारा सुनिश्चित किया जाएगा। उन्होंने आश्वासन दिया कि गलत करने वालों को उनके कर्मों का फल अवश्य मिलेगा और सत्य समय के साथ प्रकट होगा।

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