ईडी ने अपोलो ग्रीन एनर्जी के पूर्व सीएफओ राकेश गुप्ता को किया गिरफ्तार, पांच दिन की रिमांड मिली

गुरुग्राम, हरियाणा। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मनी लॉन्ड्रिंग के एक गंभीर मामले में अपोलो ग्रीन एनर्जी लिमिटेड के पूर्व मुख्य वित्तीय अधिकारी (सीएफओ) और प्रेसिडेंट- स्ट्रैटेजिक इनिशिएटिव्स, राकेश गुप्ता को गिरफ्तार किया है। मंगलवार को ईडी ने उन्हें धनशोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए), 2002 के तहत गिरफ्तार किया।

ईडी के अनुसार, राकेश गुप्ता ने जांच के दौरान उन्हें जारी किए गए चार समन का पालन नहीं किया था। इसके बाद गुरुग्राम की विशेष पीएमएलए अदालत ने उनके खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किया था। गिरफ्तारी के बाद उन्हें अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें पांच दिन की रिमांड पर भेज दिया गया है ताकि उनसे पूछताछ की जा सके।

यह मामला हरियाणा और उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा दर्ज की गई 15 से अधिक एफआईआर और आरोपपत्रों के आधार पर शुरू हुआ था। जांच में सामने आया कि जेम रिकॉर्ड्स एंटरटेनमेंट प्राइवेट लिमिटेड के मालिक और प्रमुख संचालक इंद्रजीत सिंह पर हत्या, जबरन वसूली, धोखाधड़ी, अवैध भूमि कब्जा और अन्य गंभीर अपराधों में संलिप्त होने के आरोप हैं।

ईडी ने बताया कि इंद्रजीत सिंह फिलहाल संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) में है और वहीं से अपनी आपराधिक गतिविधियां संचालित कर रहा है। वह विभिन्न मामलों में वांछित भी है।

जांच के दौरान यह भी पता चला कि अपोलो ग्रीन एनर्जी लिमिटेड ने झज्जर के दिघल क्षेत्र के निजी फाइनेंसरों से 200 करोड़ रुपए से अधिक राशि का उधार लिया था। सुरक्षा के तौर पर कंपनी ने पोस्ट-डेटेड चेक भी जारी किए थे, लेकिन पुनर्भुगतान में लापरवाही बरती गई।

ईडी के अनुसार, इंद्रजीत सिंह उक्त ऋण विवादों को हल करने के लिए धमकी, आतंक और हथियारबंद गैंगों की सहायता लेकर दबंगई और जबरन वसूली करता था। जांच से विदेशी संगठित अपराध सिंडिकेट के भी जुड़े होने की बात सामने आई है।

अपोलो ग्रीन एनर्जी मामले में ईडी का आरोप है कि राकेश गुप्ता ने इंद्रजीत सिंह का परिचय कंपनी से कराया और उसकी सेवाओं का उपयोग करने में अहम भूमिका निभाई। इसके बाद कई विवादास्पद घटनाएं घटीं, जिनमें एक फाइनेंसर की हत्या भी शामिल है।

इससे पहले ईडी ने कई स्थानों पर छापेमारी की थी, जिसमें 6.41 करोड़ रुपए नकद, लगभग 17.4 करोड़ रुपए के आभूषण और पाँच लग्जरी वाहन बरामद किए गए थे। इसी के साथ, कुछ अन्य संपत्तियां भी जब्त की गईं।

अब तक ईडी ने करीब 90.04 करोड़ रुपए मूल्य की संपत्तियां कुर्क कर ली हैं और इस पूरे मामले में गुरुग्राम की विशेष पीएमएलए अदालत में अभियोजन भी शुरू कर दिया गया है। जांच अभी जारी है और राकेश गुप्ता से गहन पूछताछ की जा रही है।

यह मामला देश में बड़ी आर्थिक धोखाधड़ी और मनी लॉन्ड्रिंग की घटनाओं में से एक माना जा रहा है। ईडी की कार्रवाई से कारोबारी क्षेत्र में हड़कंप मचा हुआ है और वित्तीय पारदर्शिता को लेकर कड़ी निगरानी बनी हुई है।

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