चंडीगढ़, पंजाब। पंजाब कांग्रेस में चल रहे विवाद और गुटबाजी के आरोपों के बीच प्रदेश प्रभारी भूपेश बघेल रविवार को चंडीगढ़ के सेक्टर-15 स्थित पार्टी कार्यालय पहुंचे। उन्होंने मीडिया से बातचीत में बताया कि वह आगामी पांच दिनों तक पंजाब में रहकर पार्टी की संगठनात्मक गतिविधियों की समीक्षा करेंगे।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने गुटबाजी के दावों को सिरे से खारिज कर दिया है। उन्होंने कहा कि पार्टी को जानबूझकर बंटी हुई दिखाने की कोशिश की जा रही है, जो वास्तविकता से कोसों दूर है। राजा वड़िंग ने जोर देकर कहा कि पंजाब कांग्रेस पूरी तरह से संगठित है और किसी भी प्रकार की फूट या बगावत पार्टी में नहीं है।
भूपेश बघेल ने बताया कि वे इस दौरान पार्टी के पदाधिकारी, जिला अध्यक्ष और कार्यकर्ताओं के साथ विभिन्न स्तरों पर बैठकें करेंगे। इन बैठकों का मुख्य उद्देश्य संगठन की वर्तमान स्थिति का आकलन करना और आगामी राजनीतिक चुनौतियों का सामना करने के लिए रणनीति बनाना है। उन्होंने कहा कि यह दौरा पार्टी को मजबूत बनाने और पंजाब में कांग्रेस की राजनीति को पुनर्जीवित करने के लिए अहम साबित होगा।
राजा वड़िंग ने मीडिया से बातचीत के दौरान कहा कि यदि चरणजीत सिंह चन्नी के आवास पर नेताओं का मिलना-जुलना, अलग बैठकों का होना ही गुटबाजी माना जाए तो यह केवल अफवाहें फैलाने का प्रयास है। उन्होंने साफ किया कि किसी भी राजनीतिक दल में वास्तविक फूट तभी मानी जाती है जब नेता या पदाधिकारी पार्टी छोड़ देते हैं, और कांग्रेस में ऐसा कोई मामला नहीं है।
उन्होंने आम आदमी पार्टी का उदाहरण देते हुए कहा कि आप के छह सांसद अपनी पार्टी छोड़ चुके हैं, जबकि कांग्रेस के एक भी जिला अध्यक्ष या प्रमुख पदाधिकारी ने पार्टी नहीं छोड़ी है। राजा वड़िंग ने यह भी कहा कि कांग्रेस के सभी नेता और कार्यकर्ता मिलकर आम आदमी पार्टी के खिलाफ एकजुट होकर राजनीतिक लड़ाई लड़ने को तैयार हैं।
भूपेश बघेल ने चरणजीत सिंह चन्नी की राहुल गांधी से दिल्ली यात्रा पर टिप्पणी करने से परहेज किया। उन्होंने कहा कि जब तक उन्हें आधिकारिक जानकारी नहीं मिलती, तब तक वे इस विषय पर कोई प्रतिक्रिया नहीं देंगे। अधूरी जानकारी पर बयान देना उचित नहीं है।
राजा वड़िंग ने बताया कि मंगलवार को जिला कांग्रेस अध्यक्षों की बैठक आयोजित की जाएगी, जिसके बाद पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी की बैठक भी होगी। इन बैठकों का फोकस संगठन की मजबूती, आगामी राजनीतिक कार्यक्रमों और भविष्य की रणनीति पर होगा ताकि कांग्रेस पंजाब में फिर से सशक्त होकर उभर सके।
पंजाब कांग्रेस के नेताओं ने एक बार फिर यह स्पष्ट किया है कि पार्टी में कोई भी गुटबाजी नहीं है और सब एकजुट होकर राज्य की राजनीतिक लड़ाई लड़ने के लिए तैयार हैं। उन्होंने मीडिया और विपक्ष से अपील की है कि वे गुमराह करने वाली खबरों से बचें और पार्टी की वास्तविक स्थिति को समझें।
