हिमाचल में मानसून का कहर, छह लोगों की मौत, 35 सड़कें बंद, 127 ट्रांसफार्मर ठप

शिमला, हिमाचल प्रदेश। प्रदेश में मानसून की तेज बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर रखा है। लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के कारण हिमाचल प्रदेश के कई जिलों में भूस्खलन, सड़कें बंद होना, बिजली व्यवस्था में बाधा और कई जानलेवा हादसों की घटनाएं सामने आई हैं। राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र की रिपोर्ट के मुताबिक, अब तक बारिश से जुड़ी विभिन्न घटनाओं में छह लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 35 सड़क मार्ग और 127 ट्रांसफार्मर ठप हैं। प्रारंभिक आंकड़ों के अनुसार, 44.40 लाख रुपए के सार्वजनिक एवं निजी संपत्ति को नुकसान पहुंचा है।

विशेष रूप से कुल्लू जिला बारिश की चपेट में सबसे अधिक आया है, जहां 18 सड़कें बंद हो चुकी हैं। इसके अलावा, सोलन और चंबा जिलों में भी कई सड़क मार्ग बाधित हुए हैं। लोक निर्माण विभाग की टीमें लगातार सड़कों से मलबा हटाने और यातायात बहाल करने के लिए सक्रिय हैं।

बिजली विभाग की रिपोर्ट के अनुसार, प्रदेशभर में 127 ट्रांसफार्मर खराब हो गए हैं। कुल्लू जिले में अकेले 86 ट्रांसफार्मर प्रभावित हुए हैं। अधिकारियों ने बताया कि हाई टेंशन लाइन के तार टूटने और केबल क्षतिग्रस्त होने से बिजली आपूर्ति बाधित हुई है। बिजली विभाग के कर्मचारी तेजी से काम कर रहे हैं ताकि विद्युत सेवा जल्द पुनः शुरू हो सके।

सरकार ने राहत भरी खबर दी है कि किसी भी जिले में पेयजल सप्लाई अभी भी सामान्य बनी हुई है और जल आपूर्ति की योजनाएं पूरी तरह से सक्रिय हैं।

जानकारी के मुताबिक, कांगड़ा जिले में करंट लगने, आकाशीय बिजली गिरने और अन्य कारणों से तीन लोगों की मौत हुई है। वहीं मंडी जिले में एक व्यक्ति की जान चली गई। इसके अतिरिक्त, किन्नौर और लाहौल-स्पीति जिलों में अलग-अलग सड़क हादसों में दो लोगों की मौत हुई। इस प्रकार मानसून के कारण मृतकों की संख्या छह हो गई है।

आर्थिक नुकसान के मामले में कांगड़ा जिला सबसे अधिक प्रभावित हुआ है, जहां करीब 16 लाख रुपए की क्षति हुई है। अन्य जिलों में भी बाढ़ एवं भूस्खलन से सार्वजनिक और निजी संपत्ति को भारी नुकसान हुआ है। पशुधन की भी काफी हानि हुई है।

प्रदेश सरकार, जिला प्रशासन और आपदा प्रबंधन एजेंसियां हाई अलर्ट पर हैं एवं 24 घंटे राहत एवं बचाव कार्यों को अंजाम दे रही हैं। मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों में भी भारी और अत्यधिक बारिश की भविष्यवाणी की है। प्रशासन ने नागरिकों से निवेदन किया है कि वे अत्यावश्यक कार्यों के लिए ही यात्रा करें, सतर्क रहें और मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करें।

मानसून की इस विपरीत स्थिति में प्रदेश के लोगों से संयम और सहयोग की अपील की गई है ताकि इस प्राकृतिक आपदा से होने वाली हानि को न्यूनतम किया जा सके।

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