कांगड़ा, हिमाचल प्रदेश। हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने शनिवार को कांगड़ा जिले के बारा भंगाल गांव में इतिहास रच दिया। 2,800 मीटर से अधिक ऊंचाई पर स्थित इस सबसे दूरदराज वाले गांव में हेलीकॉप्टर से पहुंचे सुक्खू वहां रात बिताने वाले पहले मुख्यमंत्री बने। इससे पहले केन्द्रीय या राज्य के किसी भी मुख्यमंत्री ने इस गांव में रात नहीं गुजारी थी।
बारा भंगाल, जहाँ लगभग 500 वोटर रहते हैं, हिमालय की विशाल धौलाधार और पीर पंजाल पर्वतमालाओं के बीच स्थित है। यहाँ के खानाबदोश स्थानीय लोग मुख्य रूप से भेड़ और मवेशी पालन करते हैं। मुख्यमंत्री ने इस दूर-दराज इलाके के निवासियों की समस्याओं को गंभीरता से सुना और स्थानीय विधायक किशोरी लाल के साथ मिलकर छह बड़ी घोषणाएं कीं।
सुखविंदर सिंह सुक्खू ने बताया कि बारा भंगाल की सभी पात्र महिलाओं को ‘इंदिरा गांधी प्यारी बहना सुख सम्मान निधि योजना’ के तहत हर माह ₹1,500 की सहायता दी जाएगी। इलाके में 24 घंटे बिजली सप्लाई सुनिश्चित करने के लिए जनरेटर सेट लगाए जाएंगे ताकि बिजली की लगातार आपूर्ति बनी रहे। इसके अलावा, यहां के स्कूल जाने वाले बच्चों के लिए प्रोत्साहन राशि का प्रावधान किया जाएगा ताकि वे अपनी पढ़ाई निरंतर जारी रख सकें।
उन्होंने कहा कि सरकार नोडल स्कूल बनाएगी, जहां बारा भंगाल के बच्चे बीर और आस-पास के क्षेत्रों में बेहतर शिक्षा प्राप्त कर सकेंगे। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि बारा भंगाल को एक इको-टूरिज्म डेस्टिनेशन के रूप में विकसित करने के लिए व्यापक योजना बनाई जाए। इसके अलावा, इस क्षेत्र में प्राकृतिक खेती से उगाए गए राजमा के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) भी लागू किया जाएगा।
कृषि विभाग के अधिकारियों को निर्देश देते हुए सीएम ने कहा कि वे स्थानीय किसानों को प्राकृतिक खेती की पहल से जोड़कर उन्हें हर संभव सहायता और सुविधा उपलब्ध कराएं। भेड़पालकों के लिए भी बड़ी घोषणा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार उनके मटन की खरीद करेगी, जिससे उनकी आय में वृद्धि हो।
मुख्यमंत्री ने बारा भंगाल के लोगों को भरोसा दिलाया कि राज्य सरकार उनकी जीवनशैली को बेहतर बनाने और सुविधाएं पहुंचाने के लिए हर संभव कदम उठाएगी। उन्होंने कहा कि धौलाधार वन्यजीव अभयारण्य क्षेत्र में स्थित इस गांव का संरक्षण और विकास प्राथमिकता बनेगा। वे हाल की प्राकृतिक आपदाओं से हुए नुकसानों का जायजा लेने के लिए इलाके का दौरा भी कर चुके हैं।
यह उल्लेखनीय है कि 2011 के बाद कोई भी मुख्यमंत्री बारा भंगाल का दौरा नहीं कर पाया था। सुखविंदर सिंह सुक्खू की यह पहल यहां के निवासियों के लिए मील का पत्थर साबित होगी और इलाके के विकास को नई दिशा देगी।
