चुनावी नतीजों में हेरफेर के लिए सरकारी मशीनरी का गलत इस्तेमाल कर रही हिमाचल सरकार: जयराम ठाकुर

शिमला, हिमाचल प्रदेश। हिमाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और विपक्ष के नेता जयराम ठाकुर ने राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि कांग्रेस के नेतृत्व वाली सरकार पंचायती राज और शहरी स्थानीय निकाय चुनावों के नतीजों में हेरफेर करने के लिए प्रशासनिक मशीनरी का गलत इस्तेमाल कर रही है। उन्होंने दावा किया कि यह कदम लोकतंत्र की मूल भावना को कमजोर करने वाला है।

जयराम ठाकुर ने शनिवार को मीडिया से बात करते हुए कहा कि राज्य सरकार ने चुनाव प्रक्रिया को रोकने में विफल रहने के बाद अब चेयरमैन और वाइस-चेयरमैन के चुनावों को जानबूझकर टाल रही है। उनका आरोप है कि इससे हॉर्स-ट्रेडिंग को बढ़ावा मिल रहा है और जनता के जनादेश को उलटने की साजिश रची जा रही है।

उन्होंने विस्तार से बताया कि राज्य सरकार ने शुरूआत में डिजास्टर एक्ट लागू कर चुनाव टालने के प्रयास किए। साथ ही चुनाव नियमों में बदलाव कर और कई प्रक्रियात्मक बाधाएं खड़ी कर स्थानीय निकाय चुनावों को आगे बढ़ाने से रोकने की कोशिश की गई। हालांकि, हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के हस्तक्षेप के बाद चुनाव समय पर कराए गए।

लेकिन इसके बावजूद, भाजपा नेता ने कहा कि राज्य सरकार अब भी चुनाव प्रक्रिया पूरी करने से सीधे तौर पर इनकार कर रही है और स्थानीय निकायों के अहम नेतृत्व पदों के चुनावों में देरी कर रही है।

उन्होंने कहा, “भाजपा समर्थित उम्मीदवारों ने पंचायत प्रधान और उपप्रधान के लगभग 70 प्रतिशत पदों पर जीत हासिल कर जनता के मूड को स्पष्ट कर दिया है। यह कांग्रेस सरकार के प्रति लोगों की नाराजगी का परिचायक है।” उन्होंने यही नहीं, बल्कि शहरी स्थानीय निकाय चुनावों में भी भाजपा की बड़ी जीत का ज़िक्र करते हुए धर्मशाला नगर निगम में भाजपा के 17 में से 11 सीट जीतने का उदाहरण दिया।

जयराम ठाकुर ने जानकारी दी कि 12 जिला परिषदों में से केवल तीन में चेयरमैन और वाइस-चेयरमैन का चुनाव हुआ है, जहां कांग्रेस ने उम्मीदवार तक नहीं उतारे। इसके साथ ही 92 ब्लॉक विकास समितियों में से 47 ने ही अपने नेतृत्व पदों के चुनाव पूरे किए हैं, जिनमें भाजपा समर्थित उम्मीदवारों ने 31 सीटें जीती हैं।

उन्होंने कड़ा आरोप लगाते हुए कहा कि जहां भाजपा के लिए बहुमत है, वहां राज्य सरकार चुनाव की तिथियों को जानबूझकर स्थगित कर रही है। साथ ही, उन्होंने बताया कि भाजपा नेताओं और समर्थित प्रतिनिधियों को विजिलेंस जांच, झूठे मुकदमे, रिश्तेदारों के ट्रांसफर, और प्रशासनिक दबाव के जरिए डराया-धमकाया जा रहा है।

जयराम ठाकुर ने सुजानपुर नगर परिषद के चुनाव प्रक्रिया में भी अनियमितताओं का उल्लेख किया और कहा कि वोटिंग के नियमों का उल्लंघन किया गया। उन्होंने यह सूचित किया कि भाजपा उन अधिकारियों की सूची बनाएगी जो पार्टी के अनुसार चुनाव में देरी कर रहे हैं या भाजपा समर्थित प्रतिनिधियों को राजनीतिक दबाव में ला रहे हैं।

अंत में, उन्होंने चेतावनी दी कि ऐसी मनमानी कार्रवाइयों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने जनता के जनादेश का सम्मान करने से इनकार करके लोकतांत्रिक मर्यादा की सारी हदें पार कर दी हैं।

जयराम ठाकुर की बातों से यह साफ हो गया है कि हिमाचल प्रदेश की जनता मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार से बेहद नाराज है और उसका भरोसा कम होता जा रहा है।

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