चंडीगढ़ में बढ़ती आपराधिक घटनाएं, सुरक्षा व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल: सचिन गलांव

चंडीगढ़, पंजाब

चंडीगढ़ के सेक्टर-11 स्थित एक केमिस्ट शॉप पर हाल ही में हुई फायरिंग की घटना ने पूरे शहर में कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिये हैं। वार्ड नंबर 13 के पार्षद सचिन गलांव ने इस अपराध को लेकर प्रशासन एवं पुलिस व्यवस्था की कड़ी आलोचना की है। वे मानते हैं कि यह कोई अकेली घटना नहीं है, बल्कि चंडीगढ़ में लगातार बढ़ रही आपराधिक वारदातों का हिस्सा है, जो समाज के लिए चिंता का विषय है।

पार्षद गलांव ने बताया कि दिनदहाड़े व्यस्त बाजार में हुई गोलीबारी में एक निर्दोष बुजुर्ग की मौत हो गई, जो पूरे शहर को झकझोरने वाली खबर है। शुरूआती तौर पर घायल बताए गए इस शख्स की मौके पर ही मौत हो गई। उन्होंने बताया कि लगभग 13 गोलियां सीधे उस पर चलाई गईं, जिससे जाहिर होता है कि हमला पूरी तरह से सुनियोजित था।

मृतक का संबंध हिमाचल प्रदेश से था और वह रोजगार के लिए चंडीगढ़ आया हुआ था। पार्षद ने दुख प्रकट करते हुए कहा कि यह एक मेहनतकश इंसान था जिसकी ना तो पहले से किसी से कोई दुश्मनी थी और ना ही धमकियां मिली थीं। इसके बावजूद उसे निशाना बनाया जाना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है।

सचिन गलांव ने सवाल उठाते हुए कहा कि प्रारंभिक जांच में भी कोई ठोस सुराग सामने नहीं आया है कि मृतक या दुकान के मालिक को कोई धमकी मिली हो। इस पर से यह मामला और भी गंभीर हो जाता है क्योंकि यह स्पष्ट रुप से एक योजना बद्ध हमला लगता है। उन्होंने पुलिस और प्रशासन से इस मामले की गहराई से जांच कराने की मांग की है ताकि अपराधियों को जल्द पकड़ करके कानून के तहत सजा दी जा सके।

पार्षद ने शहर में मौजूदा सुरक्षा व्यवस्था पर भी कड़ी नाराजगी जताई। चंडीगढ़ को सामान्यतः एक सुरक्षित और व्यवस्थित शहर माना जाता है, लेकिन हाल के अपराधी घटनाक्रम इस धारणा को खंडित कर रहे हैं। उन्होंने सेक्टर-9 में हाल ही में हुई हत्या, सेक्टर-37 में हुए ग्रेनेड हमले और अन्य आपराधिक वारदातों का हवाला देते हुए कहा कि अपराधियों के हौसले बढ़ते जा रहे हैं।

उन्होंने बताया कि वार्ड के कई लोग घटना के बाद उनसे मिले और अपनी सुरक्षा को लेकर भय व्यक्त किया। इन लोगों का कहना था कि यदि ऐसे भीड़भाड़ वाले इलाके में अपराध हो सकता है, तो आम नागरिक सुरक्षित कैसे रह सकते हैं। पार्षद ने कहा कि कुछ पुलिसकर्मीयों की तैनाती से सुरक्षा की गारंटी नहीं होती, बल्कि व्यापक और समन्वित रणनीति की आवश्यकता है।

उनका कहना था कि घटना स्थल के नजदीक पुलिस बूथ, थाना और अन्य सुरक्षा संस्थान मौजूद हैं, फिर भी अपराधी आसानी से भाग गए। यह सुरक्षा में बड़ी चूक को दर्शाता है। उन्होंने यह भी कहा कि जहां शहर में सीसीटीवी कैमरे, ट्रैफिक लाइट और निगरानी प्रणाली अच्छी संख्या में हैं, वहां अपराधियों का आसानी से बच जाना बेहद चिंता का विषय है।

पार्षद ने उल्लेख किया कि इतनी कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बावजूद अपराधियों का खुलेआम वारदात करना व्यवस्था की विफलता ही है। प्रशासन को चाहिए कि वह इस मामले की गहन समीक्षा करे और कमजोरियों को दूर करे।

उन्होंने बताया कि आम तौर पर ऐसी घटनाओं के बाद पुलिस कार्रवाई में तेजी दिखती है और जल्द ही मुठभेड़ या गिरफ्तारी की खबरें आती हैं, लेकिन असली समस्या जस की तस बनी रहती है। उनका कहना था कि केवल तात्कालिक कार्रवाई से कोई स्थायी समाधान नहीं होगा, बल्कि ठोस और नियमित रणनीतियों की जरूरत है ताकि शहर को सुरक्षित बनाया जा सके।

Source

error: Content is protected !!