शिमला में महिला की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या, मौत के बाद धमकियों वाला वीडियो हुआ वायरल

शिमला, हिमाचल प्रदेश। राजधानी शिमला के संजौली क्षेत्र में शनिवार को एक दर्दनाक घटना में एक महिला की गोली मारकर हत्या कर दी गई। यह घटना हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी के पास सामने आई, जिसने पूरे शहर में सनसनी मचा दी है। मृतका की पहचान मीनाक्षी मित्तल के रूप में हुई है, जो सरस्वती पैराडाइज स्कूल के प्रबंधन से जुड़ी थीं।

जानकारी के अनुसार, मीनाक्षी मित्तल पर स्कूल परिसर के गेट के पास अज्ञात हमलावरों ने ताबड़तोड़ गोलियां चलाईं। उन्हें तीन गोलियां लगीं, जिससे उनकी मौत तुरंत हो गई। हमलावर मौके से फरार हो गए, जिनके बारे में कहा जा रहा है कि वे पंजाब नंबर की गाड़ी में थे।

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी। शहर भर में नाकेबंदी कर संदिग्धों की तलाश जारी है। पुलिस आस-पास के सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है और फोरेंसिक साक्ष्यों को भी इकट्ठा किया जा रहा है।

अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अभिषेक ने बताया कि इस हत्या की गंभीरता से जांच की जा रही है। सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए विशेष टीमें गठित कर आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं।

प्रारंभिक जांच में पता चला है कि मिन्नाक्षी मित्तल और उनके भाई के बीच संपत्ति और स्कूल प्रबंधन को लेकर विवाद चल रहा था। पुलिस इस संदर्भ में भी जांच कर रही है।

मृतका का एक पुराना वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें उन्होंने खुद को स्कूल की कार्यकारी अध्यक्ष बताया था। इस वीडियो में उन्होंने कहा था कि उनके माता-पिता के निधन के बाद वे स्कूल का प्रबंधन संभाल रही थीं और मामला न्यायालय में विचाराधीन है।

उन्होंने आरोप लगाया था कि कुछ लोगों ने फर्जी दस्तावेजों के जरिए उनके खिलाफ कार्रवाई शुरू की थी। साथ ही, उन्होंने दावा किया कि वे दो महीने से स्कूल परिसर में रहकर संस्थान की कार्यप्रणाली को व्यवस्थित करने की कोशिश कर रही थीं।

मित्तल ने वीडियो में जोर देकर कहा था कि विवाद के दौरान कुछ लोग जबरन स्कूल परिसर में घुस आए और माहौल तनावपूर्ण बना दिया। इस दौरान शिक्षक और अभिभावक भी मौजूद थे।

सबसे गंभीर बात यह रही कि मित्तल ने जान से मारने की धमकियों का उल्लेख किया था। उन्होंने कहा था कि उन्हें ‘देख लेने’ और ‘मार डालने’ की धमकियां मिलीं। फोन हैकिंग और बेटी को सोशल मीडिया पर परेशान करने जैसे आरोप भी उन्होंने लगाए थे।

मित्तल ने वीडियो में पुलिस से उचित सहयोग न मिलने की भी शिकायत की और अपनी सुरक्षा को लेकर गहरी चिंता जताई थी। उनका कहना था कि स्कूल से जुड़ा विवाद केवल कानूनी प्रक्रिया से ही हल होना चाहिए, न कि धमकियों और दबाव के जरिए।

पुलिस ने अभी वायरल वीडियो में लगाए गए आरोपों पर कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं की है। उन्होंने कहा है कि हत्या की जांच सभी संभावित कोण से की जाएगी और वीडियो में किए गए दावे भी जांच के दायरे में हैं।

दिनदहाड़े हुई इस घटना ने शिमला में सुरक्षा व्यवस्था पर प्रश्नचिह्न लगा दिया है। स्कूल प्रबंधन विवाद और वायरल वीडियो में जताए गए आरोप मामले को और जटिल बना रहे हैं। पुलिस की जांच के बाद ही हत्या के पीछे की असली वजह सामने आ पाएगी।

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