शिमला, हिमाचल प्रदेश। राष्ट्रीय कैडेट कोर (एनसीसी) की माउंट देव टिब्बा पर्वतारोहण अभियान टीम ने हिमाचल प्रदेश के दुर्गम पहाड़ी क्षेत्र में एक गंभीर रूप से घायल ब्रिटिश नागरिक को बचाकर एक बार फिर अपने साहस और तत्परता का परिचय दिया। इस जीवनरक्षक अभियान ने एनसीसी की प्रतिबद्धता और निस्वार्थ सेवा भावना को प्रमाणित किया।
जानकारी के अनुसार, टेंटा क्षेत्र में पहाड़ी इलाके में पैराग्लाइडिंग करते हुए एक ब्रिटिश नागरिक दुर्घटना का शिकार हो गया। इस हादसे में घायल व्यक्ति को रीढ़ की हड्डी, गर्दन और सिर में गंभीर चोटें आई थीं, जिसकी वजह से उसे तुरंत बचाव की जरूरत थी। यह इलाका बेहद कठिन और ऊंचाई वाले स्थानों से घिरा हुआ था, जहां पहुंचना आसान नहीं था।
सूचना मिलते ही विंग कमांडर कुणाल शर्मा के नेतृत्व में एनसीसी की बचाव टीम तत्काल घटनास्थल के लिए रवाना हुई। टीम ने साथ में मेडिकल किट, ऑक्सीजन सिलेंडर और संचार उपकरण लेकर बचाव कार्य शुरू किया। टीम ने कठिन पहाड़ियों, जलधाराओं और गरम कडेराह भर मार्गों को पार करते हुए घायल तक पहुंचा।
घायल ब्रिटिश नागरिक को तुरंत प्राथमिक चिकित्सा प्रदान की गई, साथ ही टीम ने संचार माध्यमों से बेस कैंप में मौजूद डॉक्टरों से लगातार संपर्क रखा ताकि उसकी स्थिति को बेहतर बनाने में सहायता मिल सके। जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, नागरिक हेलीकॉप्टर सेवाएँ और भारतीय वायु सेना के साथ भी समन्वय स्थापित किया गया, जिससे बचाव व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाया जा सके।
रात होने के बावजूद, टीम ने पहाड़ पर अस्थायी हेलीपैड का निर्माण किया और हेलीकॉप्टर के लिए आवश्यक संपर्क स्थापित किया। सीमित रोशनी के बीच भी टीम ने सफलता पूर्वक बचाव कार्य को पूरा किया और घायल ब्रिटिश नागरिक को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
यह मिशन पूरी तरह से एनसीसी की समर्पित सेवा, उच्च नेतृत्व क्षमता और साहस का उदाहरण रहा। टीम ने रात के समय पहाड़ी राहों से वापसी की, जिसमें अनुशासन और धैर्य दिखा। इस घटना ने यह स्पष्ट किया कि एनसीसी अनुशासन के साथ-साथ मानवीय संवेदनशीलता और जोखिम भरे कार्यों में अग्रणी भूमिका निभाता है।
